शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' भाग-षष्ठम

       

परम स्नेही मित्रों,
वास्तव में इन वक्तव्यों ने ही मुझे प्रोत्साहन और ऊर्जा प्रदान की जिसके सहारे आज मै प्रस्तुत शोध 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के पांच-भाग प्रस्तुत करने में समर्थ हो सका !इन विशिष्ट वक्तव्यों को देने वाले विशिष्ट मित्रों को विशिष्ट धन्यवाद, एक विशिष्ट निवेदन के साथ कि आप आगामी चर्चा में भी इसी भांति मुझे दिशानिर्देश देते रहें तथा यदि मुझसे कोई नाराज़गी है तो वह भी खुल कर अभिव्यक्त करें, जहाँ तक सम्भव होगा, उसे दूर करने का भरसक प्रयास करूंगा!!
पिछले आलेख 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के पांचवें भाग में प्रथम एवं द्वितीय भाग में आप मित्रों के द्वारा दीं गयीं अति महत्वपूर्ण टिप्पणियां प्रस्तुत कीं थीं, अब इस आलेख के छठवें भाग में तृतीय भाग से आपके द्वारा देने वाली एवं भविष्य के लेखन की रूपरेखा बनाने में सहयोगी टिप्पणियों को प्रस्तुत कर रहा हूँ !

'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)'  भाग-3
Manoj Chaturvedi 
‎प्रिय मित्रो,आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !आपकी अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !आप अपनी प्रतिक्रिया अवश्य देवें, मैं सभी प्रतिक्रिया देखकर एक साथ ही उत्तर अवश्य दूंगा ! भाई प्रकाशराज सर्राफ आपका स्वागत करते हुए भरसक आपकी शंकाओं को दूर करने का प्रयास भी कर रहे हैं, उनके अमूल्य सहयोग हेतु उन्हें मेरा बहुत सारा आशीर्वाद.....ढेर सारी शुभकामना सहित,सादर,
October 26 at 11:17pm 

Avadh Ram Pandey
any one who have doubt on any part of this story please answer the question aroused in first & second part. i can say it is 100 HINDU Building. thanx to manoj ji for sharing.
October 27 at 7:47am 

Meenakshi Joshi 
sorry to interfere in between. Tho i am hearing it first time n i am nt of v religious nature i feel all are same n good n bad people r every where. N i dnt knw much history tu.But still i am impressed by the work u presented n i dnt take it as surprise tu bcoz our s was the oldest culture n invaded many times so watever history we know it may or may nt be correct. Possibility of taking over a building n thn renovate it to make a yadgar of mumtaj cn be v much there. After knwing few of muslims in india n pak i came to knw sm r rajputs punjabis n of different hindu castes. So its obvious they hv been converted n invaders always were few in number they multiplied by various means here only. Watever i am saying here are v obvious things nthng frm history nthng frm hindu or muslim view.But the question is of present. Why to spoil our present n progress of future by all this. Fundamentalists are hungry for issues to keep our+country unrest always.lets correct our history books by good refrences n dnt make it unpleasant n religious issue. Thnks manoj ji.
October 27 at 8:19am via Facebook Mobile

Ashraf Zad
ye to such hai k india me kuch bhi buildings bnaye hain mughal ne to zamin kisi raja maharaja ki hi hogi coz mughal to bahar se aye the zmin lekar to ayenge nhi
October 27 at 11:40am 

Manoj Chaturvedi 
‎प्रिय मित्रों,आप सभी के विचार देखे,सर्वप्रथम आप सभी को हार्दिक धन्यवाद !कुछ मित्रों के विचार बहुत प्रेरणादायक हैं, जो मुझे इस आलेख की अगली कड़ियों की प्रस्तुति में बहुत सहायक होंगें !प्रिय मीनाक्षी जोशी के विचार भी प्रभावशाली हैं , जिसमे शोध के प्रति आंशिक सहमति प्रकट करते हुए भविष्य के प्रति प्रयास करने के लिए सलाह दी है, उनकी बात से सहमत होते हुए में स्पष्ट करना चाहूँगा कि हमें अपने अतीत को ना भूलते हुए ही भविष्य का निर्माण करना है, क्यूंकि वास्तव में हमारी नीव तो हमारा इतिहास ही है !भाई अशरफ के लिए इतना कहना ही पर्याप्त है कि एक पुरुष होकर अपनी प्रोफाइल दीपिका पादुकोण का चित्र लगाकर उन्होंने अपनी मानसिकता को स्पष्ट कर दिया है, उनके कमेंट्स केवल प्रलाप के अतिरिक्त कुछ नहीं हैं.......,अत: आप सभी मित्रों से निवेदन है वह अपनी प्रतिक्रिया और चर्चा निर्विघ्न करते रहें !शेष आपके समाधान के लिए मेरे भ्रातासम प्रकाश राज सर्राफ निरंतर हैं !अनेकानेक शुभकामनायें..................................
October 27 at 3:00pm 

Meenakshi Joshi 
आप सभी को परनाम,
मेरे ख्याल से मोबाइल से टाइप करने की वजह से मैं स्पह्शत रूप से नहीं कह सकी. वैसे तो यहाँ भी काफी गलतियाँ आ रही हैं..पर मैंने कभी हिंदी मैं टाइप नहीं किया.खैर , मैं कहना चाहती थी की इसमें कोई विवाद ही नहीं है की इतिहास मैं काफी गलतियाँ हैं.विकिपीडिया भी वही जो हमने उसमे जानकारी दी है.कल ही मेरे एक parichit bta रहे थे की unke desh की हिस्टरी भी विकिपीडिया me galat दी है.दूसरी रही बात ताजमहल की जैसा की अरशद भाई कह रहे हैं की मुग़ल जमीन लेकर नहीं आये थे. बिलकुल ठीक है न तो वो जमीं लाये थे ना ही अपने साथ बहुत सारे लोग. उन्होंने यहीं के लोगों को धर्म परिवर्तित किया और यही के राजाओं के महलों को फेर बदल कर अपने पर्योग के उपयुक्त किया होगा ये तो कोई बहुत बड़ी या मशवरे की बात नहीं है.mera sochna ये है की मुग़ल भी bhartiay इतिहास के साथ jude हैं . isame कोई sandeh नै होगा की ताजमहल की sthan पर कोई mahal या mandir raha होगा. jarur raha होगा kuchh न kuchh तो raha ही होगा kynki wahan एक shahar basa tha.mera manana yah है की hamara desh dharam nirpeksh desh है. uske mmaryada rakhi jaaye और ise dharam ka mod न dekar facts international level पर laye jaayen. और maulik sudhar kiye jaayen..etihaas की pustake sudhari jaaye ..विकिपीडिया और anay jagaho पर update daali jaayen..just facts nothing more and less thn facts. agar mandir थे तो wah bataya jaaye ...mahal tha तो वो bataya jaaye...पर kisiko offend करने के liye नहीं. galat को sahi करने के liye. aaj tak जो galat tha use सप्शत करने keliye... मुग़ल भी es desh ka एक aham hissa ban chuke थे. desh की shaan uski histrory से है और सभी raja और baadshah us ka एक bada hissa हैं. ये hamara desh ही है jahan muslim president भी utni ही ijaat paate हैं jitne hindu और sikh.....jay bharat...mera desh mahan..
October 27 at 5:37pm

मिलिन्द चतुर्वेदी 
अज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार।बंदौं शिव-पद-युग-कमल अमल अतीव उदार॥
आर्तिहरण सुखकरण शुभ भक्ति -मुक्ति -दातार।करौ अनुग्रह दीन लखि अपनो विरद विचार॥
पर्यो पतित भवकूप महँ सहज नरक आगार।सहज सुहृद पावन-पतित, सहजहि लेहु उबार॥
पलक-पलक आशा भर्यो, रह्यो सुबाट निहार।ढरौ तुरन्त स्वभाववश, नेक न करौ अबार॥
जय शिव शङ्कर औढरदानी।जय गिरितनया मातु भवानी॥
Thursday at 12:14am

Manoj Chaturvedi 
‎परमप्रिय मित्रों,अब तक के विश्लेषण में यह स्पष्ट हो गया है कि ताजमहल का निर्माण का इतिहास के पन्नों में सही तरह से प्रस्तुत नहीं करके एक बड़े तथ्य को छिपा लिया गया है............................ओक के अनुसार, शाहजहां के दरबारी लेखक मुल्ला अब्दुल हमीद लाहौरी ने अपने ‘बादशाहनामा’ में मुग़ल बादशाह का सम्पूर्ण वृतांत 1000 से ज़्यादा पृष्ठों मे लिखा है। जिसके खंड एक के पृष्ठ 402 और 403 पर इस बात का उल्लेख है कि शाहजहां की बेगम मुमताज-उल-जमानी को मृत्यु के बाद मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में अस्थायी तौर पर दफना दिया गया था और उसके छह माह बाद तारीख 15 जमदी-उल-ओवल दिन शुक्रवार को अकबराबाद आगरा लाया गया। फिर उसे महाराजा जयसिंह से लिए गए, आगरा में स्थित एक असाधारण रूप से सुंदर और शानदार भवन (इमारते आलीशान) मे पुन: दफनाया गया। लाहौरी के अनुसार, राजा जयसिंह अपने पुरखों के इस आली मंजिल से बेहद प्यार करते थे। लेकिन, बादशाह के दबाव में वह इसे देने के लिए तैयार हो गए थे। इस बात कि पुष्टि के लिए यहां ये बताना अत्यन्त आवश्यक है कि जयपुर के पूर्व महाराज के गुप्त संग्रह में वे दोनो आदेश अभी तक रखे हुए हैं, जो शाहजहां द्वारा ताज भवन समर्पित करने के लिए राजा जयसिंह को दिए गए थे।
30-10-2010 at 3:52pm

'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)'--भाग-चतुर्थ

HarshVardhan Titony
सरकार के हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं, तो इस बार सरकार ही ऐसी चुने जो ऐसे ऐसे छोटे काम तो कर सके
30-10-2010 at 11:47pm 

Shaileshwar Pandey 
Bhaiya Shree Manoj Ji, Pranam, humm abhari hai jo aap ne Taj Mahal ki Vastavikta ka chacturth(4) bhag prastut kiye...mai is chaturth bhag par apna vichr dene se pahale aap sabhi se anurodh kar raha hun ki-1* yah chuki Hindh dharm se judda hai...is liye bar-bar Hindu shabd ka prayog YA Mandir shabd ka prayog karana padega...is se aap ye na samjhe ki humm is mudde ko dharmik mudda banana chahate hai...aur 2* aap apna vichar maryada purn hi de, humm Bharatiy hai . is ka kyal rahkhe.
Mai BHAG-1,2,3 aur 4 bhi aaj padha.
Jin tathyo ko is bhag me darshaya gaya hai unse to yahi lagata hai ki 
Taaj Mahal vastav me Shodh karane ka vishay hai.
Lekin is kaise Shodh Karaya jai ?
Kaun is ke sath ayega ?
Kya Shree Manoj Ji dwara pastut 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)'....sirf kagaj ke panno me hi simat kar rah jayega ?
Agar nahi to fir kyo nahi humm apnai pratikriyaye sahi tarike se te rahe hai ?
mai ne Shree Manoj Ji dwara prastut is lekh ka sabhi bhagi par sabhi sathiya ka vichar dekha...nirasha janak to nahi kah sakata ,lekin kuch jyada prabhavshali nahi taha, kyo ?
Face book par jab ham aapni kavitaye, kahaniya ya hasi majak ki baate likhate hai to hamare pass samay hota hai, uspar comment dene ke liye aur Is AITIHASIK VISHAY PAR KYO NAHI ? JO SIRF BHARAT KO HI NAHI DUNIYA KO ACHMBHIT KARANE WALA VISHAY HA. 
Mere PARM PRIY MITRAGAN, MERA MAKSHD AAP SBHI KA DIL DUKHANA NAHI HAI. AGAR KHUCH GALAT LIKH GAYA HO TO MAAF KARANA. YAH EK ''RASTRIYA MUDDA'' HAI.IS PAR PURE BHARAT KO EK KAARANA HOGA....DHANYAVAAD....JAI BHARAT..JAI BHARAT SHANTI...
31-10-2010 at 12:34am 

Manoj Chaturvedi 
‎परम स्नेही मित्रों,वास्तव में इन वक्तव्यों ने ही मुझे प्रोत्साहन और ऊर्जा प्रदान की जिसके सहारे आज मै प्रस्तुत शोध के 4 भाग प्रस्तुत करने में समर्थ हो सका !इन विशिष्ट वक्तव्यों को देने वाले विशिष्ट मित्रों को विशिष्ट धन्यवाद, एक विशिष्ट निवेदन के साथ कि आप आगामी चर्चा में भी इसी भांति मुझे दिशानिर्देश देते रहें तथा यदि मुझसे कोई नाराज़गी है तो वह भी खुल कर अभिव्यक्त करें, जहाँ तक सम्भव होगा, उसे दूर करने का भरसक प्रयास करूंगा!!
31-10-2010 at 9:44am

Manjulata Verma
manoj ji ham aapaka aabhar manate hai. aap bahut achchha kar rahe hai, ese jari rakhen. kyoki mujhe lagata hai.f. b. kewal time pass na hokar ak sashakt vichar manch bhi ban sakata hai. agar ham sab prayash kare to... bhakti me prabhu se prem ham jarur karen. bhgawan ke kathananusar ham apani desh samaj aur dharmik jaimmedariyon se bhag nahi sakate, vahan bhi apane vichar hame rakhani chiye.
31-10-2010 at 9:56am

Anil Mishra
Bhartiya sanskriti ko jeevit aur jagrit rakhane ke liye aap jaise bhumiputron ki jaroorat hai. thank u Manoj Ji
31-10-2010 at 11:40am

Vinek Dubey 
सबसे पहले में मनोजजी को इस लेख लिखने के लिए धन्यवाद कहता हूँ । इस विषय मे पहले भी पद चुका हूँ परंतु इसमे बहुतसी बाते एसी हैं जिसका मुझे ज्ञान नही था । 
@sdhaan jaanjee यंहा आपने विषय से बिलकुल अलग टिप्पणी की है जिसका जवाब देना में जरूरी समझता हूँ । 
आपकी लिखी हिन्दी से साफ पता चलता है की आपको हिन्दी अच्छे से नही आती है और आपने ट्रांस्लेटर का प्रयोग किया है । परंतु आप यंहा यह कहना चाहते हैं । की वह भगवान अनंत है । वो एक है और उसका कोई आकार नही । चलो यह बात तो सही है पर यह एक अधूरी बात है जिसको आप मानते हैं ।यदि मई आपसे इस विषय मे कहूँ की आप क्या प्रमाण दे सकते हैं की वो अनंत है और उसकी कोई छवि नाही है । वो किस प्रकार अनंत है और एसा कहा जा सकता है की उसका कोई आकार नही है । एसा ईसाइयों ,मुस्लिम ,जैन और हिंदुओं का एक संप्रदाय मानता है । परंतु उनके बात इसका कोई प्रमाण नाही है बस यह कह कर की वो अनंत है अप्राप्य है कह कर हाथ खड़े कर देते हैं । 
परंतु मेरे पास इसका पूर्ण जवाब है । की वो अप्राप्य ,निर्गुण ,निराकार भी है और प्राप्य ,सगुण और साकार भी हैं । 
उस परमात्मा को एसा कहा जाने का एक ही कारण है की 
उसके गुणो की अनंतता के कारण उसे निर्गुण कहा गया है । और इसी कारण वो परमात्मा सगुण होते हुयी भी निर्गुण है । 
उसके विस्तार और सूक्ष्मता भी अनंत है । इसलिए वो साकार होते हुए भी निराकार है । 
उसके परमात्मा के प्राप्ति की अवस्थाएँ भी अनंत है इसलिए वो प्राप्य भी है और अप्राप्य भी है । और मूर्ती पूजा उसकी प्राप्ति की दिशा मे रखा गया पहला कदम है परंतु उसको अप्राप्य कह कर हाथ पर हाथ रख कर तो नाही बैठा जा सकता । वो सब मे है यह कह कर भी नही बैठा जा सकता क्योंकि क्योंकि वो उसके रूप अनंत हैं ।अनंत चरण है । क्या किसी योग्यता के प्रथम चरण को प्रपट किए बिना अंतिम चरण को पा सकते हो । यह भ्रम किसी को कैसे हो सकता है ।
आपने अक्सर देखा होगा की उसकी किसी भी धर्म मे पूजा के समय क्या किया जाता है । सिर उसके गुणो की तारीफ की जाती है । और कुछ भी नही किया जाता है । तो जब किसी भी देवता की मूर्ती की पूजा की जाती है तो उस देवता की कुछ विशेष गुणो की तारीफ की जाती है। इसका भी कारण आपको नही पता होगा ? इसका कारण सीधा-सीधा यह होता है की जिन गुणो की हम बार-बार तारीफ करते हैं या उनको अपनाने की कोशिश करते हैं उस तरह के गुणो का स्वयंम मे विकास होना शुरू हो जाता है जो एक बहुत लंबी प्रक्रिया है जिसका सिर्फ अनुभव किया जा सकता है । अब आप स्वयं ही समझलों की आप कितने पानी मे हो ।
31-10-2010 at 1:32pm

Meenakshi Joshi 
pranam manoj ji....u r very much right. that has been really ridiculous of indian govt to give special status to kashmir just to keep them happy and see the situation now. and still there is much of unrest in public and every one is suffering because of wrong policies.i personally feel that every one suffered as kashimiri pandits have to lose their homes near and dear ones and local muslims because of so much tension in states. children are not going to schoo and l all the time curfews are there it is a pathetic condition for every indian living there except few bad people. and that again is just shameful to give all space and ration facilities to many bangla deshis ...they should have been sent back to their country. our country already had too many population and poevrty related problems. i dont know what is solution for all these problems and if they are going to be addressed any time in future or not.
about tajmahal, your revelations can be true too. even if they dont want to check the structure there are facilities now by wich u can always peep behind the edoors and walls.we all know itwas used in egypt on mummy and got all 3 d pictures and scans in different planes without distorting the mummy. why dont we try those techniques and get the truth?
31-10-2010 at 3:30pm

Bharti Pandit
manaoj bhai, is ank me ki gai tippaniya badi sargarbhit hai. is abhiyan ko aage badhane ke lie maine pahla kadam yah uthaya hai ki aapake charo anko ko copy karke apane sabhi mitro ko mail kar diya hai aur sabhi ki saghan pratrikriya mili hai.. aage aap bataye, kyonki sarakar kuch tabhi karati hai jab janmanas se awaz uthati hai. atah ise bahas ka mudda n banakar sarthak kadam uthana chahie.
31-10-2010 at 4:41pm

Shaileshwar Pandey
Bahan Manjulata Ji, aur Shri Anil Mishra Ji, mai aap logo ke baato se 100% sahamat hu...F B ke jariye humm is ache kary ko sabhi tak pahucga sakte hai. Shri Manoj ji ki jitani bhi tarif ki jay bahut hi kaam hogi ki apna bhamuly ''Rastriy'' hit hit ke liye vyatit kar rahe hai...tha aap log bhi sanman ke kabil hai jo apna beskimti samay is lek ke liye de rahe hai...Dhanyavaad.
31-10-2010 at 5:13pm via Facebook Mobile

Brijesh Tripathi
आदरणीय पी एन ओक साहब की तथ्यों को उजागर करती अनेक रचनाये व शोध ग्रन्थ मैंने पढ़े हैं...उनके द्वारा प्रतिपादित तथ्य मन को झाझकोरने वाले हैं वे विवादित हो सकते हैं पर सच के बहुत करीब हैं ..और सत्य हमेशा देर से ही स्वीकार होता है क्योकि सत्य प्रायः कटु होता है
31-10-2010 at 10:02pm

Manoj Chaturvedi 
‎प्रिय मित्रों,आप सभी के विचार देखे,सर्वप्रथम आप सभी को हार्दिक धन्यवाद ! कुछ मित्रों के विचार बहुत प्रेरणादायक हैं, जो मुझे इस आलेख की अगली कड़ियों की प्रस्तुति में बहुत सहायक होंगें ! आज रात्रि में प्रस्तुत शोधात्मक लेख का पांचवां भाग प्रस्तुत कर देने का विचार है,....,अत: आप सभी मित्रों से निवेदन है वह अपनी प्रतिक्रिया और चर्चा अवश्य करें एवं मुझे परामर्श भी अवश्य देवें, जो मेरे अगले भाग के लिए बहुत उपयोगी होगी !विनम्र आभार सहित,
01-11-2010

Shaileshwar Pandey 
Param aadaraniy Bhaiya Shri Maoj Ji,aur Bhaiya Shri Prakash Ji, aap dono ko Sadar Pranam, Mai samayabhav ke karan is lekh par sakriya nahi tha ...lekin abhi jab mai punh apani najar dala , aur sathiya ka apna apna vichar dekha to maan mera harshit ho gaya...
Is chauthe (4) bhag me jo sathiyo ka vichar samane aaya hai, is se mai samajhata hun ki Bhaiya Shri Manoj Ji aur Bhaiya Shri Prakash Ji ka maanobal badha hai. Mai swyam bahut khush hun...kyoki mai is ko ek ''Rastiya mudda'' manata hun. Mia isko ek aandolan ke rup me dekhana chahata mu. Is ke liye mujh se jitana ho sakata hai mai karunga. Aur kar raha hun ...
IS lekh ka SABHI 4 BHAGO KO MAI EMAIL DWARA AAPE DUSRE SATHIYO KE PASS BHEJ RAHA HUN...
Aap sabhi se karvadh prathana hai ki aap bhi is aage dusarao ke pas bhejatae rahe....Shri Manoj Ji ko dhanyvaad dene se pahale mai Shri Prakash Ji, Sahit Sabhi Sathiyo ko hardik Dhanyavaad deta hun... aagar khuch anjane me galat likh gaya ho to khyama chahunga... punah Dhanyvaad.
01-11-2010

Jaiprakash Ojha
साक्छ्य से सरकार नहीं चलती . कल ऐसी परिस्थितियां बन जाय की ऐसी साक्छ्य ( सत्य के अवाधारानावाले के बिना सरकार नहीं चलेगी या बनेगी , फिर तो सरकार बनानेवाले खुद शोध कराकर प्रमाण निकालेंगे एवं उसे दुरुस्त करेंगे. साक्छ्य की उपेक्छा में हमारी ही कोई कमजोरी.
02-11-2010

Shaileshwar Pandey
‎@ Mananiya Shri Jaiprakash Ji, .....aap ko bahut hi dhanyavaad.. mai 100% aap se sahamat hun...Bahut hi kaam vakyo me aap ne bahut khuch kah dada hai...aap ka vichar preyana dene wall hai....hum abhari hai aap ke...umid karate hai ki aap ne apna bahumuly samay se thoda samay likal kar apna vichar dekar humme margdarshan kartebrahenge....punah dhanyavaad.
02-11-2010

'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)'--भाग-पंचम

Krishan Kumar Soni
Is aalekh ka udasai kisi dharm ke prati virodh ka nahi h...ek sachai ko ujagar karna h..sodh uprant jo sach ubher kar aae use har bhartiay saman rup se swekar kare...Manoj je is sarthak pahal ke liae m unhe badhai deta hu...dhanywad
01-11-2010 via Facebook Mobile

Prakash Raj Saraf 
परमादरणीय मित्रोंसत सत नमन !आज मेरे पूज्य भ्राता श्री मनोज जी ने मुझे मेरे जनम दिवस पर यह आलेख रूपी नायब तोहफा दिया है!जो मेरे जीवन में आज तक मिले सब तोहफे से बढिया है ! मेरे पास सब्द नहीं है उनको धन्यवाद बोलने के लिए !आप परमादरणीय मित्रों से यही निवेदन है कि आप आलेख का पूर्ण मनोयोग से मनन करते हुए सुझाव अवश्य दें ,जिससे मेरे पूज्य भ्राता श्री मनोज जी प्रस्तुत आलेख के षष्ठम अंक के प्रस्तुतीकरण में सहायता मिलेगी !!पुन: सादर धन्यवाद
01-11-2010 

Harshit Aggarwal
अति सुन्दर . आप ऐसे ही सत्य लिखते रहिये भगवान् श्रीराम आपके साथ है !जय श्री सीताराम
01-11-2010

Shaileshwar Pandey
Bhaiya Shri Manoj Ji, Sadar Pranam, aap ne is pancham bhag me, jo prathm aur dwitiya bhag ko padhane ke baat mahanubhawo ka kya vichar raha prastut kiye hai. Yah bahut hi prasnsaniya hai. sabhi ka apna apna maat hai, lekin sare vicharo ko ekatra kiya jay to mujhe lagata hai ki sabhi ka ray praya ek sa hi hai...Sabhi ka isara yahi hai ki is DUNIYA KE SAAT AJUBO ME SE EK jisko DUNIYA TAJ MAHAL KE NAAM SE JANTI HAI Vastav me is ka NAAM तेजो-महल(TEJO-MAHAL) HAI, ka SHODH HONA CHAHIYE. 
Mera bhi apana vichar hai ki is par Shodh hona chahiye.Varana Bharatiya etihas ke sath anyay hoga. Chuki yah Hindu aur mandir Shabd se judda hai,isliye nahi chahatae huye bhi bar-bar inshbdo ka prayog karana aawashyak hoga. Is liye aap hame gatal na samjhe. humm is Dharmik Mudda nahi banana chahate. humm sabhi samudaay ke logo ko is sachayi ke sath jodana chahate hai.
Is liye mera manana hai ki yah ek ''RASTRIYA MUDDA'' hai. is humm BHARAT GAURAV ke sath jodde.
Jaisa ki Bhaiya Shri Manoj Ji ka Kahana hai is lekh me ki "सच्चाई विष के समान ही लगती है लेकिन जो इस विष को अमृत के समान पी जाए वही शिव बन पाता है" l mai pura sahamat hun.
Mai abhar vyakt karata hu ki Bhaiya Shri Manoj Ji ne professor P N OAK dwara likhi pustak aur anya vastvik tathyo ke madhaym se humm sabhi tak तेजो-महल(TEJO-MAHAL) -'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध) rupi lekh prastut kar rahe hai. Mai Ma Saraswati se prathanarat hu ki, he ! Ma Saraswati aap inki kalam ko aur shakti de.
Mai sabhi mahanubhavo ko bhi dhanyavaad dena chahunga jisne apna bahumuly samay dekar bahumuly vichar diye hai.
Aap sabhi se aagrah hai ki aap apna vichar Maryadapurn shabdo me hi de. Humm Bharatiya hai iska khyal sadaiv rakhe.
Dhanyavaad.....Shaileshwar
01-11-2010 

Meenakshi Joshi
pranam manoj ji n prakash ji. Mai in sab vicharon se sahmat hu. Maine 4 th part ko hi join kiya tha isliye ye padh nai saki thi. Parantu ye sab mere hi vichar vyakat kar rahe hain. Sachai jaanane me koi burai nai hai. Or itihas ki books me uske anusar parivartan hona chahiye. Parntu bina kisi dharmik ya rajnitik mod diye. . Dhanywad. Jay bharat.
02-11-2010

Manjulata Verma 
manoj ji , koyi bhi jab apane vichar rakhate hain to unhe do nahi tin tarah ke log , ak to ve jo aapase sahamat honge, dusare jo aapake virodh me, tisare ve jo ""kis-2 ko gayiye , kis-2 ko sochiye, aaram badi chij hao mukh dhak ke soyiye.""wale milenge.par jo aalekh ke rup me apane vicharon ko prakat kar sakate hain. unhe bina dare apane vichar rakhane hi chahiye, aur jo log bhgawan shri krishn ko apana prabhu aur aadarsh manate hain , ve to aisa jarur karenge, aisi meri aasha hai. aapako dhanyvad hai. jai jai shri radhe.
02-11-2010

Rajeshmoonat Moonat
ab to kam se kam hum is imarat ko tejomahal kahna prarambh kar de.
02-11-2010

Manoj Chaturvedi
परमप्रिय मित्रों,
आप सभी की प्रस्तुत आलेख पर प्रतिक्रियाएं मिलीं, कुछ वक्तव्यों ने प्रभावित किया और कुछ प्रतिक्रियाएं मेरे प्रयास को धन्यवाद देकर मुझे भविष्य हेतु प्रोत्साहित कर गयीं !
प्रिय मंजुलता वर्मा का आज ०२-११-२०१० को दिया गया कथन(मूल अंग्रेजी कथन का हिंदी अनुवाद मेरे द्वारा किया गया है) बिलकुल सही लगा..."मनोजजी, कोई भी जब अपने विचार रखते हैं तो उन्हें दो नहीं तीन तरह के लोग, एक तो वे जो आपसे सहमत होंगे, दुसरे जो आपके विरोध में, तीसरे वे जो ""किस-2 को गाईये, किस-2 को सोचिये, आराम बड़ी चीज हो मुख ढक के सोईये.""वाले मिलेंगे.पर जो आलेख के रूप में अपने विचारों को प्रकट कर सकते हैं. उन्हें बिना डरे अपने विचार रखने ही चाहिए, और जो लोग भगवान श्री कृष्ण को अपना प्रभु और आदर्श मानते हैं, वे तो ऐसा जरुर करेंगे, ऐसी मेरी आशा है. आपको धन्यवाद है. जय जय श्री राधे."
परन्तु  एक बात अवश्य कहना चाहूँगा कि में किसी विशेष धर्म विशेष अथवा विशेष सम्प्रदाय से सम्बंधित नहीं हूँ और ना ही किसी विशेष धर्म को आघात पहुँचाने का मेरा विचार है, में केवल यही चाहता हूँ कि पूर्व में हमारी भारतीय संस्कृति और इतिहास के साथ मनमाना व्यव्हार करके इसे नष्ट-भ्रष्ट किया गया है उसे यदि सदप्रयासों से गौरव और गरिमा प्रदान की जा सकती है तो क्यूँ नहीं किया जाये !
कल प्रात:काल में प्रस्तुत आलेख का छठवां-भाग फेसबुक पर प्रकाशित कर दूंगा !
सादर धन्यवाद सहित,
02-11-2010 at 09.40 pm

Manjulata Verma
yahi acharaj mujhe huva . manoj ji.ki aapane to dharm vishesh ki i bateen nahi uthane ke bavajud aapase log naraj ho gaye, jabki aapane pure tathy ke sath apana aalekh sabake samane rakha. etihas parak baton ka etana virodh vo bhi sabut dene par bhi ho, ye to vidambana hi hai.aisa hi hota hai, chahe bat kisi bhi sandarbh me ho,log kan band karake rakhana chahate hai,vaise log jinake liye f. b. sirf time pas hai.
02-11-2010 at 09.43

Manoj Chaturvedi
प्रिय मंजुलता वर्मा,
आपने मेरी भावनाओं को बिलकुल सही समझा है कि मेरी भावना केवल तथ्यों के साथ अपने भारतीय इतिहास के सही स्वरुप को स्थापित करना मात्र है, परन्तु केवल कुछ वर्गों की तुष्टि एवम दंगे-फसाद का भय हमें रोकता है और हमें अपने ही मित्रों की खिलाफत करने के लिए मजबूर भी करते हुए कुतर्क करवाता है !! कल प्रात:काल प्रस्तुत आलेख 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' का छठवां-भाग प्रकाशित कर रहा हूँ !
आपको अनेकानेक धन्यवाद, आपने आलेख का गहन मंथन करते हुए बहुत ही अर्थपूर्ण अभिव्यक्तियाँ प्रदान की हैं !विश्वास है कि अपना यह मित्रवत स्नेह सदैव बनाये रहेंगी, मेरे लिए आप जैसे मित्र बहुत बहुमूल्य हैं !
सादर शुभकामनाओं सहित,
02-11-2010 at 09.57 pm

Brijesh Tripathi
dhanya wad itne sare logon ki pratikriyaon ke sangrah ke liye ..aapka lekh tathya parak hai..ise der saver sweekar karna hi padega....
02-11-2010 at 10.09pm

Shaileshwar Pandey November 2 at 11:36pm Reply • Report
@Bahan Manjulata Ji...ke vichar bahut hi sarahaniy hai...aap bilkul sahi kahati hai...mai bhi sahamat hun aap se...Bahan, ab tak prakashit sabhi pacho bhago ko maine bahut hi barikiyo se bdha...har ek tathy par najar dala, sath me sabhi Face Book Ke mahanubhawo ka vichar bhi utani ruchi se badha, jitanak ki lekh ko....usko mai yaha varnan nahi kar raha hu kyo ki aap kar chuki hai...aap ne jo mahasush ki hai...wahi mai bhi mahasush kiya hun...yadi aap ne mera vichr insabhi bhago par padha hoga to wahi paya hoga jo...aap ke vichar aane par Bhaiya Shri Manoj Ji ne apni ray yani soch ko punah vyakt ki hai...maine Taj Mahal ki Vastavikta (Ek aitihasik Shodh) ko dharmik mudda nahi ...Rastriya Mudda manta hu...yah rastriy etihas ke gaurv se judda hai...Punah dhanyavaad.
 @ Bhaiya Shri Manoj Ji,....nek kaam me der hota hai...andher nahi...humme aasha vadi hona chahiye...yah ek lambi ladayi hai abhi to shuru hai...aap aage badhate rahe...aap dekhiyega...ek din puya bharat vash manav shrikhala ke rup me aap ke sath ho...hamara aagarh hai ki jahe jitani bhi badhaye aap ke samane aaye, aap dhairy purvak aage baadate rahe...safaltaye aap ki kadam chumegi...SRI BHAGAWAT GITA ME SHRI KRISHN KAHATE HAI KI HE! ARJUN APNA KRTAVY KARO...PHAL KI CHINTA MAT KARO...
humme jankar khushi hai aap kal is lekh ke chhata bhag prastut karane ja rahe hai....Swagat hai aap ka chhate bhag ke sath....aap ko pranam karata aap ka bhai...shaileshwar
November 2 at 11:36pm

Prakash Raj Saraf
परमादरणीय मित्रोंसत सत नमन !मेरे पूज्य भ्राता श्री मनोज जी प्रस्तुत आलेख के षष्ठम अंक कल प्रात:काल फेसबुक पर प्रकाशित करेंगे !!धनतेरस की आपको और आपके परिवार को भी ढेरों बधाई और अनेकों शुभकामनाऎं.!!
03-11-2010 at 12.15am

मेरे फेसबुक के परमस्नेही एवम विद्वत मित्रों,
आज इस आलेख 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के छटवें-भाग की प्रस्तुति करते हुए अपार हर्ष का अनुभव कर रहा हूँ और यह विश्वास भी कि यह प्रयास भविष्य में भी जारी रहे ! अब आप सभी का दायित्व है कि इस हेतु सार्थक प्रयास करें और भविष्य में आने वाली पीढ़ी को ऐतिहासिक भ्रमों से बचायें ! किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौतिक उन्नति नहीं होती है, अपितु उसका गौरवशाली इतिहास तथा संस्कृति भी होती है !मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस ज़ज्बे को बनाये रखकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा को व्यक्त अवश्य करेंगे !
प्रस्तुत आलेख 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के प्रथम-भाग से लेकर पांचवें-भाग तक आप मित्रों ने अपार स्नेह दिया और अपनी पसंद दर्ज करके या प्रतिक्रिया-स्वरुप वक्तव्य देकर सहयोग प्रदान किया.....इसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से आप सभी का शुक्रगुज़ार हूँ !एक बात और, अपने कनिष्ठ भ्रातासम श्री.प्रकाशराज़ सर्राफ एवम श्रीयुत.शैलेश्वर पाण्डेय को भी विशिष्ट सहयोग हेतु हार्दिक आभार और धन्यवाद ज्ञापित अवश्य करूंगा !
आलेख 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के प्रथम-भाग से लेकर पांचवें-भाग तक आप मित्रों ने मेरे इस छठवें-भाग के प्रकाशन तक कुल(251) मित्रो ने अपनी पसंद दर्ज करके और कुल(290) मित्रों ने अपनी प्रतिक्रिया-स्वरुप वक्तव्य देकर आलेख के महत्त्व को स्थापित करके भारतीय संस्कृति के प्रति अपने प्रेम एवम अभिरुचि का परिचय दिया है !
"आप सभी मित्रों को सपरिवार 'दीपावली' की बहुत सारी हार्दिक शुभकामनायें"
स्वीकार हों दीपावली की शुभकामनाएँ, हैं छिपी इसमें सदभावनाएँ।
गणपति विघ्न मिटाएँ, मान-बुद्धिधन सदा लुटाएँ। सरस्वती ज्ञान का भंडार दें, राशि बढ़े ऐसा वरदान दें।
लक्ष्मी करें धन की कृपा, दें सभी की दरिद्रता मिटा। प्यार का दीप जलता रहे, नफरत का धुंआ छटता रहे।
सदा मन मे दीवाली रहे, पृथ्वी हरी-संपदा वाली रहे॥

                       'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' भाग-षष्ठम

    • Chetan Pandey ‎..ॐ नमः शिवाय..
      November 3, 2010 at 8:10am ·  ·  4 people

    • HarshVardhan Titony मनोज जी इस विषय पर एकमत काफी समर्थन प्राप्त हुआ फेसबुक पर,हमे अपने शिक्षित समाज को अभी और जागरूक करने की आवश्यकता है-इसके लिए कुछ नया सोचना होगा-एक नयी पहल करनी होगी-एक आन्दोलन शुरू करना होगा, सभी बुद्धिजीवियो से निवेदन है की इस दिशा में क्या कदम उठाये जाये जिससे भाई मनोज जी की सोच साकार रूप ले सके, -हम अपना खोया ग़ौरव पुनः हासिल कर सके और अगली पीढी किसी प्रकार के कुंठित वातावरण में ना रहे - धन्यवाद
      November 3, 2010 at 9:34am ·  ·  5 people

    • Meenakshi Joshi dhanteras aur diwali ki aap sabko shubhkamnayen. Ap ise face book ka topic bnakar mat rakhiye history me changes ke liye kahan se zanch partal shuru karni hogi uske liye kaunsa mantralay jimedar hai unse sampark karna behtar hoga. Dhanywad aap sabka mujhe kuch naye tathay se avgat karaane ke liye :)
      November 3, 2010 at 9:52am ·  ·  4 people

    • Ravi Mishra conclusion of history is very important ,all the best,and wishing you happy Deepawali
      November 3, 2010 at 10:37am ·  ·  2 people

    • Manoj Chaturvedi 
      ‎***
      सभी मित्रों को,
      "दीपोत्सव की लाख लाख बधाइयाँ"
      हार्दिक बधाइयाँ.........................
      कामना कर रहा हूँ दिवाली पे मैं,
      घर सभी का बहारों सा रौशन रहे,
      आ न पाये अन्धेरे का साया कभी,
      चाँद, सूरज, सितारों सा रौशन रहे !
      मेरी ओर से सभी को,
      ये मधुर उपहार,
      इसमें रंग हैं पर विषैले नहीं हैं,
      माधुर्य है पर मिलावटी मावे का नहीं है !!
      इसका सेवन करने से वज़न भी नहीं बढेगा……
      आपको सपरिवार 'दीपावली' की बहुत सारी हार्दिक शुभकामनायें..................

      November 3, 2010 at 11:04am ·  ·  3 people

    • Krishan Kumar Soni Hum kya thee
      kya ho gae
      aur kya honge abhi..
      DEPAWALI KE SUBHKAMNAO SAHIT....

      November 3, 2010 at 11:11am via Facebook Mobile ·  ·  2 people

    • Yashendra Prasad Manoj ji....apko ek message bheja hai. Check kijiye. Thanks.
      November 3, 2010 at 11:30am ·  ·  3 people

    • Prakash Raj Saraf ‎.
      श्री चेतन जी पाण्डेय ,श्री रवि जी ,श्री क्रिशन जी और श्री प्रसाद जी
      नमस्कार
      सवागत है आपका !
      आपकी अमूल्य टिप्पणि के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !!

      November 3, 2010 at 12:19pm ·  ·  2 people

    • Prakash Raj Saraf 
      ‎.
      श्री हर्ष वर्धन जी और श्री मिनाक्षी जी
      ये आपलोगो ने बहुत ही अच्छी जानकारी दी !
      बिलकुल सही है आप
      सत सत नमन !
      ...धन्यबाद.........!!

      November 3, 2010 at 12:23pm ·  ·  3 people

    • Manoj Chaturvedi 
      ‎***
      परमादरणीय भाई यशेन्द्र प्रसाद,
      सर्वप्रथम आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ कि आपने मेरे आलेख को ध्यान से देखा और मुझे इस सन्दर्भ में सन्देश भी भेजा, आप निश्चिन्त रहिये में आपकी भविष्य की रूपरेखा में पूर्णरूपेण सहयोग हेतु तत्पर हूँ !!
      आप मेरे लिए भगवान के द्वारा भेजे गए फ़रिश्ते के सामान अवतरित हुए हैं, मुझे भी आप जैसे समर्थ और चिंतन वाले व्यक्ति की तलाश थी !

      November 3, 2010 at 12:23pm ·  ·  4 people

    • Manjulata Verma aapaka kary prashansaniy hai, aage bhi, aise hi aalekh late rahenge, aisi aasha hai, jai jai shri radhe. happy diwali.
      November 3, 2010 at 1:22pm ·  ·  4 people

    • Prakash Raj Saraf 
      ‎.
      श्री मंजुलता जी
      नमस्कार
      बिलकुल सही लिखा है आपने
      " आपका कार्य प्रसंशीय है आगे भी ऐसे ही आलेख लिखते रहेंगे ऐसी आशा है !
      जय जय श्री राधे हैप्पी दिवाली "
      सत सत नमन !
      ...धन्यबाद.........!!

      November 3, 2010 at 1:33pm ·  ·  3 people

    • Yashendra Prasad Manoj ji ..apka message mila. Apna phone no. message me bhejiye. Courier ja raha hai. Dono films ki DVDs daal di hai.
      November 3, 2010 at 1:54pm ·  ·  3 people

    • Bhalla Gs great job done.
      November 3, 2010 at 1:59pm ·  ·  3 people

    • Prakash Raj Saraf श्री भल्ला जी और श्री प्रसाद जी
      नमस्कार
      सवागत है आपका !!

      November 3, 2010 at 2:02pm ·  ·  4 people

    • Anupama Pathak nice to go through the comments!!!
      satya ki jeet ho!
      deepotsav ki shubhkamnayen!

      November 3, 2010 at 4:23pm ·  ·  4 people

    • Rajneesh Pandey Pandey आपको भी बहुत बहुत शुभकामनाए...
      Yes sir you are great

      November 3, 2010 at 10:15pm ·  ·  2 people

    • Sheetal Jangir Its a great effort by a great man like my respected Manoj Chaturvedi Sir.
      with regards

      November 3, 2010 at 11:07pm ·  ·  4 people

    • Rajneesh Pandey Pandey Manoj, I have told you are great
      You are very good
      I'm with you
      You will succeed
      ................. Jai Mata Saraswati

      November 3, 2010 at 11:15pm ·  ·  3 people

    • Raghuveer Saini We are always with you, JAY HIND
      November 3, 2010 at 11:25pm ·  ·  3 people

    • Anjali Sharma Taj mahal was a temple archeological department of US and UK has proved it , but congress didnt disclosed the report for the sake of muslims votes http://www.stephen-knapp.com/was_the_taj_mahal_a_vedic_temple.htm
      November 3, 2010 at 11:34pm ·  ·  3 people

    • Poonam Singh ‎@
      आपको, आपके परिवार और सभी मित्रगणों को दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।

      November 3, 2010 at 11:36pm ·  ·  4 people

    • Shaileshwar Pandey 
      Param Aadaraniy Bhaiya Shri Manoj Ji, "Sadar Pranam"
      Mujhe aapar khushi huyi ki aaj Dhanteraus ke Shubh mauke par aap ne 'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)' के छटवें-भाग ko prastut kiya. Humm se UPAHAR ke rup me swikar kar rahe hai.


      Mai is chhadde(6) bhag par kuch kahane se pahale Bhaiya Shri Prakasah Ji ko sat sat Pranam karana chahunga, jinhone apna bahumulay samay dekhar ab tak ke sabhi bhago par humme marg darshan karte aaye hai.

      Sabhi mahanubhawo ko bhi mai hardik dhanyavaad deta hun.Jinho ne ab tak prastut pacho (5) bagho me maryada purn shabdo ka istemal karte huye apna vichar vyakt kiye hai, bahut hi sarahaniy aur margdarshit hai.. Jaisa ki aap ne dekaha ki lekh ke pachawe bhag aur is bhag yani chhadhe me un mahanubhawo ka vichar bhi prastut hai.

      Mai abhar vyakt karata hun Bhaiya Shri Manoj Ji, ko ki is lekh me mere bhi vichar ko unhone jagah di hai...yah mere liye garv ki baat hai ki, is puny kaam me we mujhe bhi yogay samajhate hai....is se mera protshahan aur badha hai...mai sankalp vadh hun ki is nek kaam me mujhase jitana ho sakega sahayog karat rahunga...

      IS CHHADHE(6) BHAG ME JO VISHESH DYAN DENE WALA HAI WAH HAI...
      "किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी भौतिक उन्नति नहीं होती है, अपितु उसका गौरवशाली इतिहास तथा संस्कृति भी होती है !मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस ज़ज्बे को बनाये रखकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा को व्यक्त अवश्य करेंगे !"
      Mera samaj-
      1*Yani spast hai ki yah ek 'Rashtriy mudda" hai. Jo Bharat aur Bharatiya sanskriti se judda hai. yah Bharat ke GAURV se judda hai. is ka shodh sirf Dharmik aadhar par hi nahi aitihasik aadhar par hona chahiye.

      2*Bharat Sarkar ko is vishay ko" Rastry swabhimaan" ka vishaya maan kar Shodh karane ki jarurat hai.

      3*Mai koyi Shahityakar ya etihasakar nahi hun. Lekin Bharatvash me paida huaa hu. Bharatiy nagarik hun, is liye mera farj banta hai ki is nek kaam me mai bhi apna sahayog dun.

      4*Jaisa ki mai lekh ke har ek bhag par apna ray dete aaya hu ki...humm is Dharmik Mudda nahi banana chahte...prantu
      'ताजमहल की वास्तविकता(एक ऐतिहासिक शोध)- Hindu Dharm aur Mandir se judda hai. Is liye nahi chahate huye bhi HINDU aur MANDIR shabd ka prayog karana hi padega. aap is anyatha na le.

      5*Aap sabhi se anurodh hai ki apna vichar dete vakt mryadapurn shabdo ka prayog karae.

      6*Aapna vichar vyakt karte samay "KISI VISHESH SAMUDAAY" ko dos na de. Har ek majahab sachayi ko vyakt karane ko kahata hia.Is liye jab TAJ MAHAL PAR PRASHN CHINH lag hi gaya hai to. Iska Shodh Jarur hona chahiye.

      7* Sabhi samudaay ke path pradarshako se anurodh hai ki aap aage aaye aur is mahan kary me apna yogydan de.

      8*Aap is Bharatvash ke jan-jan tak le jane me Bhaiya Shri Manoj Ji ko maragdarshan kare rahe.
      ...Aap sabhi ko bar-bar Dhanyavaad...
      Aap sabhi ko,aap sabhi ke pure parivar ko aur sabhi sathiyo ko Dhanteraus aur Dipawali ki Shubh kamanaye...Shaileshwar

      November 3, 2010 at 11:36pm ·  ·  3 people

    • Prakash Raj Saraf ‎.
      श्री अनुपमा जी ,श्री रजनीश जी ,श्री शीतल जी और प्यारे भाई श्री हर्षित जी
      नमस्कार
      सवागत है आपका !
      आपकी अमूल्य टिप्पणि के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !!

      November 4, 2010 at 2:51pm ·  ·  2 people

    • Prakash Raj Saraf श्री रघुवीर जी और श्री पूनम जी
      नमस्कार

      सवागत है आपका !
      आपकी अमूल्य टिप्पणि के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !!

      November 4, 2010 at 2:55pm ·  ·  1 person

    • Manoj Chaturvedi 
      ‎***
      सभी मित्रों को,
      सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
      दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ,
      खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ......
      दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ !

      November 4, 2010 at 2:57pm ·  ·  3 people

    • Prakash Raj Saraf 
      श्री अंजलि जी
      नमस्कार
      ये आप ने बहुत ही अच्छी जानकारी दी !
      बिलकुल सही है आप
      सत सत नमन !
      धन्यबाद.........!!

      November 4, 2010 at 2:58pm ·  ·  2 people

    • Praveen Kumar Srivastava Thank U n same 2 u & ur family.
      November 4, 2010 at 7:12pm ·  ·  3 people

    • Prakash Raj Saraf ‎.
      श्री नैना जी और श्री प्रवीण जी
      नमस्कार
      सवागत है आपका !
      आपकी अमूल्य टिप्पणि के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद !!

      November 4, 2010 at 7:15pm ·  ·  2 people

    • Shaileshwar Pandey 
      ‎@ Shri Harsh Vardhan Ji & Bahan Meenakshi Ji,....aap dono ki baato se mai pura-pura sahamat mu. aap ne sahi kaha hai ...yahi mera bhi vichar hai.
      @ Shri Harsh Vardhan Ji...aap se mai sahamat hu. Budhijiviyo (बुद्धिजीवियो) ko is abhiyan ke ...sath aana padga...aap dhanyavaad ke patra hai jo aap ne Samaj ke Bhujiviyo (बुद्धिजीवियो) se judane ki apil ki. Aap ka ye kary bahut hi sarahaniya hai...Humm umid karade hai ki aisa hi isi tarah aap ka sahayog DR.MANOJ CHATURVEDI JI ko milta rahega. Hardik Dhanyavaad.

      @ Bahan Meenakshi Ji,....aap ke sabhi baato se mai pura sahamat hu.
      aapka bilkul sahi kahana ki ki ise Face Book tak hi simit mat rakhiyega. History me chench ke liye aage baadiye aur pata kariye ki kaise kya hoga. Kaun iska jimmedar hai....Bahan aapki baate kabele tarif hai. Humm umid hi nahi purn vishvash karate hai ki aage bhi is tarah aap ka sahayog DR. MANOJ CHTURVEDI JI ko mitata rahega.
      Hardik Dhanyavaad.

      Bhaiya Shri Manoj Ji, 'Sadar Pranam',
      Humm aasha hi nahi purn vishwash karte hai ki aap is nek kaam ko aage badhayege. is aalekh ko sirf Face Book tak hi simit nahi rakhenge. Mujhe lagata hai ki aap ka yah aalekh rang layega. Bharatiy Samaj aap ke sath judega. Aap humme nirash nahi hone denge. Humm sabhi aap ke sath hai aur rahenge....Dhanyvaad.

      Diwapali ki Hardik Shub kamanayo ki sath...Shaileshwar

      November 5, 2010 at 1:31am ·  ·  3 people

    • Manoj Chaturvedi 
      ‎***
      मेरे फेसबुक के परमस्नेही एवम विद्वत मित्रों,
      आपको सपरिवार 'दीपावली' की बहुत सारी हार्दिक शुभकामनायें...
      हिन्दी में लिखना अब बहुत आसान हो गया है। www.bhashaindia.com से Hindi Indic Tool डाउनलोड करना, स्वयं लिख पाओगे।
      या इस लिंक से गूगल का यह टूल डाऊनलोड कर लो ||
      http://www.google.com/ime/transliteration/

      November 5, 2010 at 9:54am ·  ·  2 people

      आप सभी मित्रों को 'मकर संक्रांति' के पवन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें.......


4 टिप्‍पणियां:

  1. परम उपकारी गुरु के चरणों में वन्दना !!
    आपको अनेकानेक धन्यवाद,
    आपने आलेख का गहन मंथन करते हुए बहुत ही अर्थपूर्ण अभिव्यक्तियाँ प्रदान की हैं !प्रतिपादित तथ्य मन को झाझकोरने वाले हैं वे विवादित हो सकते हैं पर सच के बहुत करीब हैं ..और सत्य हमेशा देर से ही स्वीकार होता है क्योकि सत्य प्रायः कटु होता है !
    मकर संक्रांति के पर्व की हार्दिक शुभकामनायें.
    सादर,

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत ज्ञान वर्धक है आपकी यह रचना है, मैं स्वास्थ्य से संबंधित कार्य करता हूं यदि आप देखना चाहे तो यहां पर click Health knowledge in hindi करें और इसे अधिक से अधिक लोग के पास share करें ताकि यह रचना अधिक से अधिक लोग पढ़ सकें और लाभ प्राप्त कर सके।

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