गुरुवार, 28 जुलाई 2011

आज का इतिहास,तीसरा-भाग


(अगस्त माह की १ से १५ अगस्त तक विभिन्न तिथियों का ऐतिहासिक महत्त्व)

('१ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व')
१ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१३वॉ (लीप वर्ष मे २१४वॉ) दिन है। साल मे अभी और १५२ दिन बाकी है।
१ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१) सन् १६४८- स्विटज़रलैंड की स्वतंत्रता को औपचारिकता दी गयी। और आज के दिन को इस देश का राष्ट्रीय देवस घोषित किया गया। सन् १६१८ से सन् १६४८ ईसवी तक चलने वाली योरोप की लड़ाई के दौरान इस देश ने अपनी निष्पक्षता को सुरिक्षत रखा। अन्तत: वेस्टफ़ॉली समझौते में जो इस लड़ाई के समाप्त होने पर हुआ, स्विटज़रलैंड की स्वतंत्रता को औपचारिकता दी गयी । इकतालीस हज़ार २९३ वर्गकिलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह देश योरोप महाद्वीप के मधय में स्थित है। जर्मनी, फ़्रांस डटली और ऑस्ट्रिया इसके पड़ोसी देशों में हैं।
(२) सन् १९१४- जर्मनी द्वारा रुस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा के साथ ही औपचारिक रुप से प्रथम विश्य युद्ध आरंभ हुआ। इससे तीन दिन पहले ऑस्ट्रिया की सेना ने इस देश के युवराज की हत्या के बहाने सरबिया पर आक्रमण कर दिया। जर्मनी द्वारा रुस और फिर फ़्रांस के विरुद्ध युद्ध की घोषणा के साथ ही युद्ध तेज़ी से फैला और जर्मनी, ऑस्ट्रिया, हंग्री, तथा उसमानी शासन एक ओर और दूसरी फ़्रांस ब्रिटेन रुस और सरबिया डट गये।
(३) सन् १९६०- आफ़्रीक़ी देश बेनिन ने फ़्रांस के अधिकार से स्वतंत्रता प्राप्त की। फ़्रांसीसियों ने १९वीं शताब्दी के दूसरे अर्ध के दौरान इस देश में अपना राजनैतिक और आर्थिक प्रभाव बढ़ाया। और सन् १८९२ में इस देश पर अधिकार कर लिया। यह अधिकार सन् १९५८ तक जारी रहा। इस वर्ष में बेनिन को पहले स्वायत्तता मिली फिर सन् १९६० में इस देश ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी। यह देश अफ़्रीक़ा महाद्वीप के पश्चिमी भाग में स्थित है।
(४) सन् १९५७- सोवियत संघ, कैनेडा, अमरिका और अलबानिया को छोड़कर योरोपीय देशों का फिनलैड की राजधानी हेलसिन्की में शिखर सम्मेलन हुआ। यह सम्मेलन योरोपीय सुरक्षा एवं सहकारित-सम्मेलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसका आयोजन सोवियत संघ के नेतृत्व वाले पूर्वी ब्लॉक वाले देशों और अमरीका के नेतृत्व वाले पश्चिमी ब्लॉक के देशों के बीच तनाव को दूर करना था।
(५) सन् २०१०- अनुषा रिजवी द्वारा निर्देशित किसानों की आत्महत्या और मीडिया तथा राजनीतिक ड्रामे पर आधारित पीपली लाइव को 31वें डरबन अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया।
(६) १ अगस्त,सन् २०११ से पहले आप अपने पुराने इंटरनेट ब्राउज़रों को अपडेट कर लेने का सुझाव दिया है, क्यों कि इसके बाद गूगल महाराज की सेवाएँ पुराने इन्टरनेट ब्राउज़रों को सपोर्ट नहीं करेंगी|इसका मतलब ये हुआ कि इंटरनेट एक्सप्लोरर 7, सफ़ारी 3 या फ़ायरफ़ॉक्स 3.5 ब्राउज़रों की सहायता से इंटरनेट का उपयोग करने वालों को गूगल की जीमेल, गूगल कैलेंडर, गूगल टॉक या गूगल डॉक्स जैसी सेवाएँ आधी-अधूरी ही उपलब्ध होंगी और इतना ही नहीं बल्कि आगे भविष्य में विकसित की जाने वाली गूगल की दूसरी सेवाएँ भी पुराने ब्राउज़र को सपोर्ट नहीं करेंगी| अगर आप को गूगल की जीमेल, गूगल कैलेंडर, गूगल टॉक या गूगल डॉक्स जैसी सेवावो का इस्तेमाल करना हो तो क्रोम, फ़ायरफ़ॉक्स 4, इंटरनेट एक्सप्लोरर9 और सफ़ारी का नया वर्सन डाउनलोड करना होगा |
१ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१)सन् १८८२- पुरुषोत्तम दास टंडन - स्वतंत्रता सेनानी
(२)सन् १९२१- जैक क्रेमर - अमरीकी टेनिस खिलाड़ी
(३)सन् १९३२- मीना कुमारी, हिंदी फिल्मों की बेहतरीन अदाकारा
(४)सन् १९७२- मार्टिन डैम - युगल टेनिस खिलाड़ी
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'२ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
२ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१४वॉ (लीप वर्ष मे २१५वॉ) दिन है। साल मे अभी और १५१ दिन बाकी है।
२ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १७१४- फ़्रांस के अविष्कारक डेनिस पापेन का निधन हुआ। उन्होंने गाड़ी के मोटर को संचालित करने के लिए भाप की शक्ति का प्रयोग किया। पापेन का यह अविष्कार आगे चलकर बड़ी गाड़ियों और नौकाओं के अस्तित्व में आने का आधार बना।
(२)सन् १७९०- अमरिका में पहली बार जनगणना हुई।
(३)सन् १८३१- नीदरलैंड की सेना ने दस दिनों के अभियान के बाद बेल्जियम पर कब्जा किया।
(४)सन् १८५८- ब्रितानी संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी से भारतीय प्रशासन अपने हाथों में लेने वाला विधेयक पारित किया।
(५)सन् १८७०- लंदन में विश्व का प्रथम भूमिगत ट्यूब रेलवे टावर सबबे शुरु हुआ।
(६)सन् १९२२- चीन में समुद्री तूफान टाइफून से लगभग साठ हजार लोगों की मृत्यु हो गई।
(७)सन् १९२३- संयुक्त राज्य अमेरिका के 29वें राष्ट्रपति वारेन जी हार्डिंग (सन् १९२१ में राष्ट्रपति बने) की कार्यालय में मृत्यु।
(८)सन् १९३२- पॉजीट्रान, इलेकट्रॉन का एक कण, की कार्ल डी एंडीसन द्वारा खोज की गई।
(९)सन् १९३४- जर्मनी के तत्कालीन राष्ट्रपति और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मन सेनाओं के कमांडर फील्ड मार्शल हैंन्डनबर्ग की मृत्यु हुई। वे सन् १९२५ में जर्मनी के पहले राष्ट्रपति के रुप में चुने गये। सन् १९३२ में भी जब हिटलर के पास बहुत शक्ति आ चुकी थी हेडनबर्ग राष्ट्रपति चुनाव में जीते। किंतु एक वर्ष उन्हें हिटलर को देश का राष्ट्राध्यक्ष चुनना पड़ा।
(१०)सन् १९४४- तुर्की ने जर्मनी के साथ राजनयिक संबंध तोड़े।
(११)सन् १९५५- सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।
(१२)सन् १९७०- भारत की पहली महिला राजनयिक मुतुकम्मा चुहिवेलिया वेलिअप्पा हंगरी की राजदूत नियुक्त हुईं।
(१३)सन् १९९०- इराक़ की अतिक्रमण कारी सेना ने अपने पड़ोसी देश कुवैत पर आक्रमण करके उस पर अतिग्रहण कर लिया। सन् १९८० में ईरान पर आक्रमण के बाद यह एराक़ की इस प्रकार की दूसरी कार्रवाई थी। सददाम हुसैन की सरकार ने हमेशा से ही यह दावा किया कि कुवैत उसका १९वां प्रांत है।
(१४)सन् २०१०- पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में मौनसून की वर्षा से आई बाढ़ में १००० से अधिक लोगों की मौत हो गई।
(१५) सन् २०१०-तादातोशी अकिबा सहित ७ व्यक्तियों को फिलीपींस की राजधानी मनीला में सन् २०१० का रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्रदान किया गया।
२ अगस्त को निम्नलिखित प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
सन् १८७७ में मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रवि शंकर शुक्ल का जन्म सागर हुआ था

२ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों का निधन हुआ:-
(१)सन् १९२१- एनरिको कारूसो, इतालवी संगीतकार, गायक
(२)सन् १९७९- करन दीवान, हिंदी चलचित्र अभिनेता, गायक, (दहेज)
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'३ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
३ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१५वॉ (लीप वर्ष मे २१६वॉ) दिन है। साल मे अभी और १५० दिन बाकी है।
३ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १४९२- इटली के नाविक क्रिस्टोफ़र कोलम्बस की सबसे लम्बी समुद्री यात्रा का आरंभ हुआ। स्पेन के राजा और रानी के साथ क्रिस्टोफर कोलम्बस का एक समझौता हुआ। जिसके आधार पर उन्हे भारत तक जाने वाला नया जलमार्ग खोजना था। इसी लक्ष्य के अंतर्गत कोलम्बस स्पेन की पाओलोस बंदरगाह से तीन नौकाओं और १२० नाविकों के साथ यात्रा पर रव़ाना हुए। ३३ दिनों की यात्रा के बाद उन्हें भूमि मिली कोलम्बस और उनके साथी समझ रहे थे कि वे भारत पहुँच गये हैं किंतु वास्तव में वे अमरीका महाद्वीप में स्थित सिल्वाडोर द्वीप पहुँचे थे इस प्रकार से कोलम्बस ने अनजाने में अमरीका महाद्वीप की खोज कर ली।
(२)सन् १८६०- इटली के राष्ट्रवादी कमांडर गैरीबेल्डी के परिश्रम से सिसली द्वितीय इटली का भाग बन गया। सिसली के लोगों ने वर्षो तक फ़्रांसवा द्वीप के अधीन रहकर बड़े दुख उठाए थे अत: उन्होंने गैरीबेल्डी औज्ञ उनके साथियों का साथ दिया और 80 दिनों के युद्ध के बाद सिसली, इटली में विलय हो गया।
(३)सन् १९१४- एक नौका ने पनामा नहर पार की इस प्राकर से इस नहर का उदघाटन हुआ। इस नहर की खुदाई का काम फ़्रांस के इंजीनियरों ने आरंभ किया था किंतु इसे पूरा अमरीकियों ने किया 68 किलोमीटर लम्बी इस नहर के बन जाने के बाद प्रशांत महासागर और एटलांटिक महासागर एक दूसरे से जड़े गये।
(४)सन् १९५४- फ़्रांसीसी लेखिका गैबरियल कोलेट का निधन हुआ उनका जन्म 1873 इसवी में हुआ। उनके लेखों में अधिकतर उनकी जवानी के समय की घटनाओं का उल्लेख है जो बहुत ही रोचक थीं।
(५)सन् १९६०- अफ़्रीक़ी देश नाइजर को पूर्ण रुप से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। और यह देश संयुक्त राष्ट्र संघ का सदस्य बना। १८वीं शताब्दी से यह देश फ़्रांस के अधिकार में था तथा सन् १९२२ में यहॉ फ़्रांस के सैनिक अडडे बन गये जिसके बाद यह देश औपचारिक रुप से फ़्रांस उपनिवेश बन गया। किंतु स्थानीय जनता ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष आरंभ कर दिया और परिणाम स्वरुप आज के दिन यह देश स्वतंत्र हो गया।
(६)सन् १९७८- जायोनी शासन ने एक और आतंकवादी कार्यवाही करते हुए पेरिस में फिलिस्तीन स्वतंत्रता संगठन पी एल ओ के दूत इज़्ज़ुददीन क़लक़ की हत्या करवा दी।
(७)सन् २०१०- क्लस्टर बम पर १०२ देशों के समर्थन से हुई वैश्विक संधि में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन आदि शामिल नहीं हुए।
(८)सन् २०१०- सूर्य में हुए कोरोनल मास इजेक्शन के कारण उत्तपन्न हुई आवेशित चुंबकीय गैसीय बादलों की सोनामी पृथ्वी की कक्षा की ओर बढ़ रही है।
(९)सन् २०१०- इजराइल और लेबनान के बीच सन् २००६ में हुए युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सीमा संघर्ष हुआ।
३ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१)सन् १९२२- रॉबर्ट समनर, अमेरिकी इंजीलवादी और लेखक
(२)सन् १९१६-शकील बदायूँनी,शायर (निधन: २० अप्रैल,सन् १९७०)
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'४ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
४ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१६वॉ (लीप वर्ष मे २१७वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४९ दिन बाकी है।
४ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १८०२- नार्वे के गणितज्ञ फ़िल्म हेनरिक ऐबेल का जन्म हुआ। उन्हें गणित से बहुत लगाव था और २० वर्ष की आयु में ही वे इस विषय के शिक्षक बन गये। उन्होंने गणित का व्यापक अध्ययन किया और स्वंय कई नियम बनाए। सन १८२९ में उनका निधन हुआ।
(२)सन् १९६१- बराक हुसैन ओबामा,अमरीका के ४४वें राष्ट्रपति का होनोलूलू में जन्म हुआ । वे इस देश के प्रथम अश्वेत (अफ्रीकी अमरीकन) राष्ट्रपति हैं। उन्होंने २० जनवरी,सन् २००९ को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। ओबामा इलिनॉय प्रांत से कनिष्ठ सेनेटर तथा सन् २००८ में अमरीका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रैटिक पार्टी के उम्मीदवार थे।
(३)सन् १९६४- दक्षिणी चीन में टोनकन खाड़ी में अमरीका और वियतनाम की युद्ध के नोकाओं के बीच युद्ध के दौरान अमरीका को पराजय हुई। अमरीका ने इसी झड़प के बहाने उत्तरी वियतनाम के साथ युद्ध आरंभ कर दिया।सन् १९७५ में वाशिंगटन ने अपनी हार स्वीकार की। जिसके बाद अमरीकी सैनिक वियतनाम से निकले और दक्षिणी तथा उत्तरी वियतनाम एक बार फिर से मिलकर एक देश बन गये।
४ अगस्त को निम्नलिखित कुछ और प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१)सन् १२९०- आस्ट्रिया के ड्यूक लियोपोल्ड मैं (सन् १३२६ निधन)
(२)सन् १५२१ - पोप शहरी VII (सन् १५९० निधन)
(३)सन् १७०१- थॉमस ब्लैकवेल, स्कॉटिश शास्त्रीय विद्वान (सन् १७५७ निधन)
(४)सन् १७१९- जोहान गोत्त्लोब लेहमेन, जर्मन मिनेरोलोजिस्ट और भूविज्ञानी (सन् १७६७ निधन)
(५)सन् १७५५- निकोलस जैक्स कांटे, आविष्कारक (आधुनिक पेंसिल)
(६)सन् १७९२ - पर्सी बायशी शेली, इंग्लैंड, रोमांटिक कवि (अदोनैस)
(७)सन् १८०५- विलियम रोवाण हैमिल्टन, आयरिश गणितज्ञ (निधन १८६५)
(८)सन् १८१६ - इजरायल वोग्देस, ब्रिगेडियर जनरल (संघ स्वयंसेवकों), सन् १८८९ में मृत्यु हो गई
(९)सन् १८३४ - जॉन वेन, अंग्रेजी गणितज्ञ (सन् १९२३ निधन)
(१०)सन् १८३९ - वाल्टर अब्बा, लंदन इंग्लैंड, लेखक (प्लेटो और प्लातोइस्म)
(११)सन् १८७० - हैरी लोडर, स्कॉटलैंड / हास्य अभिनेता और गायक (Roamin Gloamin में )
(१२)सन् १८८८ - स्येदना ताहिर सैफुद्दीन बोहरा आध्यात्मिक नेता (सन् १९६५ निधन)
(१३)सन् १८९७ - यूसुफ काल्लिया, माल्टा, अभिनेता (जंगल बुक,गिल्डा,ईविल के टच)
(१४)सन् १९०० - एलिजाबेथ, इंग्लैंड की रानी माँ, किंग जॉर्ज छठी पत्नी
(१५)सन् १९०६ - मैरी जोस सकसेन कोबुर्ग वॉन,बेल्जियम राजकुमारी
(१६)सन् १९०९ - सॉन्डर्स मैक लेन, अमेरिकी गणितज्ञ (निधन. सन् २००५)
(१७)सन् १९२८ - ऊधम सिंह, भारत, फील्ड हॉकी खिलाड़ी (ओलंपिक गोल्ड सन् १९५२, सन् ५६, सन् ६४)
(१८)सन् १९२९ - यासर अराफात, नेता (फिलीस्तीनी लिबरेशन आर्गनाइजेशन)
(१९)सन् १९२९ - किशोर कुमार, भारतीय गायक और अभिनेता (सन् १९८७ निधन)
(२०)सन् १९६१ - लॉरेन टॉम, अमेरिकी अभिनेत्री
(२१)सन् १९७९ - रॉबिन पीटरसन, दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर
(२२)सन् १९८१ - अबीगैल स्पेन्सर, अमेरिकी अभिनेत्री
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'५ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
५ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१७वॉ (लीप वर्ष मे २१८वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४८ दिन बाकी है।
५ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १९४७- इंडोनेशिया में हॉलैंड ने राजनीतिक कार्यवाही बंद की।
(२)सन् १९६०- अफ़्रीक़ी देश बूरकीना फ़ासो ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। यह देश १९वीं शताब्दी के मध्य से फ़्रांस के अधीन और उसका उपनिवेश रहा।
(३)सन् १९१५- प्रथम विश्व युद्ध के दौरान वार्सा पर जर्मनी का अधिकार हो गया इससे पहले यह क्षेत्र रुस के अधिकार में था
(४)सन् १९६२- नेल्सन मेंडेला को (जो सन् १९९४ में दक्षिणी अफ़्रीक़ा के पहले काले राष्ट्रपति बने) गिरफ़तार किया गया उन पर लोगों को भड़काने और समाज में गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगाया गया। नेल्सन मंडेला ने भेदभाव के विरुद्ध कड़ा और सफल संघर्ष किया।
(५)सन् १९६३- रुस ब्रिटेन और अमरीका ने मॉस्को में परमाणु परीक्षण निषेध संधि पर हस्ताक्षर किये।
(६)सन् १९९५- अमरीका और वियतनाम के बीच दशकों से जारी शत्रुता के बाद फिर से राजनयिक संबंध स्थापित हुए।
(७)सन् २०१०- केन्या के 70% नागरिकों ने जनमत संग्रह में लोकतांत्रिक सुधारों के अंतर्गत नया संविधान बनाने का समर्थन किया।
(८)सन् २०१०- कश्मीर (भारत) के लेह में बादल फटने से तथा उसके बाद आई बाढ़ में 115 लोगों की मृत्यु हो गई।
(९)सन् २०१०- कराची (पाकिस्तान) में एमक्यूएम के विधायक रजा हैदर की हत्या के बाद चार दिनों से जारी जातीय हिंसा में 70 लोगों की हत्या कर दी गई।

५ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
सन् १८५० — गाय दी मोपासां, फ्रांस कथाकार (मृत्यु : सन् १८९३)
सन् १९६८ — मरिन ले पेन, फ़्रांसिसी राजनीतिज्ञ
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'६ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
६ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१८वॉ (लीप वर्ष मे २१९वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४७ दिन बाकी है।
६ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १७३६- डैनियल गौब्रिय फ़ारेनहाइट नामक जर्मन गणिज्ञ और भौतिक शास्त्री और तापमान मापक यंत्र के अविष्कारक का 50 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने बहुत दिनो तक यह यंत्र बनाने का प्रयास किया और अंतत: 1724 ईसवी में उन्हे इसमें सफलता मिली।
(२)सन् १७४२- स्वेडन के रसायनशास्त्री कार्ल वेलहम शेल का जनम हुआ। मैगनीज़ और ग्लीसरीन की खोज इसी रसायनशास्त्री के अध्ययनों और प्रयासों का प्रतिफल है।
(३)सन् १८२५- बोलीविया को स्पेन से स्वतंत्रता मिली। और आज के दिन को इस देश का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। स्पेन ने १६वीं शताब्दी से खदानो की लूटमार के साथ इस देश पर अधिकार किया। स्पेन के अधिकार के दौरान इस देश में कई बार आंदोलन आरंभ हुए। जिनमे सबसे प्रसिद्ध दक्षिणी अमरीका के स्वतंत्रता संग्रामी साडमन बोलीविर के नेतृत्व में आरंभ होने वाली क्रान्ति है यह क्रान्ति सन् १८०९ ईसवी से आरंभ हुई। जो धीरे धीरे पूरे देश में फैल गयी और इस देश की स्वतंत्रता के बाद समाप्त हुई।
(४)सन् १८८१- स्कॉटलैंड के अविष्कारक और चिकित्सक इलेग्ज़न्डर फलेमिंग का जन्म हुआ। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने दो साथियों की सहायता से पेन्सिलीन नामक पदार्थ की खोज की। सन् १९४५ में उनहे और इस खोज में सहयोग देने वाले उनके दो साथियों को नोबोल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया।
(५)सन् १९०६- अरविन्द कलकत्ता आ गए और वन्दे मातरम्‌ के नाम से एक अंग्रेजी दैनिक ही निकालना शुरू किया। सिस्टर निवेदिता ने प्रतिबंध के बावजूद निवेदिता गर्ल्स स्कूलों में 'वन्दे मातरम्‌' को दैनिक प्रार्थनाओं में शामिल किया।
(६)सन् १९४५ - द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में अमरीका ने जापान के हीरोशीमा नगर पर परमाणु बमबारी करके इस नगर को मटियामेट कर दिया। इस आक्रमण में ९० हज़ार से अधिक लोग हताहत और ७५ हज़ार से अधिक घायल हुए थे। जबकि इसके विनाशकारी प्रभाव अब भी बाक़ी हैं। इसके कुछ ही दिन बाद अमरीका ने जापान के नागासाकी नगर पर भी परमाणु बम गिराए। परिणाम स्वरुप जापान हथियार डाल देने पर विवश हो गया।
(७)सन् १९६२ - केंद्रीय अमरीका का जमाइका देश ब्रिटन के अधिकार से स्वतंत्र हुआ। १६ वीं शताब्दी से १८ वीं शताब्दी तक यह देश स्पेन के अधिकार में रहा। उसके बाद ब्रिटेन के अधीन हो गया ब्रिटिश साम्राज्यवादियों ने जमाइका के स्थानीय लोगों का सर्वनाशकारके काले दासीं को यहॉ लाकर बसाया जो उनके लिए कृषि करते थे। जमाइका कारइब फेडरेशन बनने के चार वर्ष बाद इस फेडरेशन से अलग होकर स्वतंत्र देश बना गया।
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'७ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
७ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २१९वॉ (लीप वर्ष मे २२०वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४६ दिन बाकी है।
७ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १९४७- मुंबई नगर निगम को बिजली और परिवहन व्यवस्था  औपचारिक रूप से हस्तांतरित हुई।
(२)सन् २०१०- भारत के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच हुए दोनों देशों के सबसे बड़े ऋण समझौते के अनुसार भारत बांग्लादेश को एक अरब डॉलर ऋण देगा।
(३)सन् २०१०- मुंबई से १० नॉटिकल मील की दूरी पर दो जहाजों एमएससी चित्रा और खलीजा-३ के आपस में टकराने के बाद समुद्र में भारी मात्रा में तेल रिसाव शुरु हो गया।
७ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
सन् १९३५- राजेंद्र माथुर,दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक नवभारत टाइम्स के प्रधान संपादक
७ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों का निधन हुआ:-
(१)सन् १९४१-रविन्द्र नाथ टैगोर (रवीन्द्रनाथ ठाकुर, रोबिन्द्रोनाथ ठाकुर) (जन्म-7 मई, सन् १८६१) को गुरुदेव केनाम से भी जाना जाता है। वे विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य केएकमात्र नोबल पुरस्कार (सन् १९१३) विजेता हैं। भारत का राष्ट्र.गान जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान आमार सोनार बांग्ला गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।
(२)सन् २००९- गीतकार गुलशन बावरा का दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन |
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'८ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
८ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२०वॉ (लीप वर्ष मे २२१वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४५ दिन बाकी है।
८ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १९६३- ब्रिटेन में ट्रेन में सबसे बड़ी डकैती की घअटना हुई। डाकुओं ने ग्लैसगो लंडन मेल पर धावा बोलकर २६ लाख पाउंड लूट लिए।
(२)सन् १९६७- शाइलैंड की राजधानी बैंकाक में इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलिपीन, सिंगापुर और थाइलैंड ने दक्षिण पूर्वी एशियायी देशों का आसेआन संगठन बनाने पर समझौता किया। आज के दिन इस समझौते पर उक्त देशों विदेशमंत्रियों ने हस्ताक्षर किये।
(३)सन् १९८८- संयुक्त राष्ट्र संघ के तत्कालीन महासचिव जेवियर पेरिज़ क्यूलर ने ईरान इराक आठ वर्षीय युद्ध में संघर्ष विराम की घोषणा की कार्यक्रमानुसार यह संघर्ष विराम घोषणा के १२ दिन बाद अर्थात २० अगस्त को लागू हुआ।
(४)सन् १९९०- इराक़ के राष्टपति सददाम हुसैन ने घोषणा की कि उन्होंने कुवैत को १९वीं प्रांत के रूप में अपने देश का भाग बना लिया है। जिसके बाद अमरीका के नेतृत्व में अंतर्राष्टीय सेना ने इराक़ पर आक्रमण करके कुवैत को स्वतंत्र करवाया और क्षेत्र में अपने स्थायी सैनिक अडडे बना लिये। ऐसी रिपोर्टे हैं कि सददाम हुसैन ने अमरीका की हरी झंडी पाकर कुवैत पर आक्रमण किया था।
(५)सन् १९९८- तालेबान गुट के सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक युद्ध के दौरान इस देश के उत्तरी नगर मज़ार शरीफ़ पर अधिकार कर लिया और फिर इस शहर में स्थित ईरानी काउन्सलेट पर आक्रमण करके ८ ईरानी राजनयिकों और एक पत्रकार को शहीद कर दिया तालेबान की इस कार्रवाई पर जो अंतर्राष्टीय नियमों का खुला उल्लंघन थी विश्व जनमत विशेषकर ईरानी जनता ने कड़ी आपत्ति जताई। तथा सुरक्षा परिषद ने भी इस अपराध की निंदा की।
(६)सन् २०१०- तिब्बत के गंसू प्रांत में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से 100 लोगों की मृत्यु हो गई तथा लगभग 2000 लोग लापता हो गए।
(७)सन् २०१०- तेजस्विनी सावंत म्युनिख में आयोजित विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिता के 50 मीटर की स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला बनीं।
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'९ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
९ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२१वॉ (लीप वर्ष मे २२२वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४४ दिन बाकी है।
९ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १९१९- ईरान के तत्कालीन प्रधान मंत्री ने ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री लॉई कर्ज़न के साथ एक लज्जाजनक समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस समझौते के आधार पर जो सन् १९१९ के नाम से प्रसिद्ध है ईरान के आर्थिक सैनिक और राजनैतिक मामले ब्रिटिश अधिकारियों के नियंत्रण में चले गये। ब्रिटेन ने रुस में क्रान्ति आने और ईरान में उसका प्रभाव में लगभग समाप्त हो जाने के बाद यह समझौता किया जो पहले ईरान में उसका प्रतिस्पर्धी था।
(२)सन् १९४५- जापान के हीरोशीमा नगर पर अमरीका द्वारा पहला परमाणु बम गिराए जाने के तीन दिन बाद तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति हैरी दु मैन के आदेश पर जापान के नागासाकी नगर पर भी परमाणु आक्रमण हुआ। और कुछ ही क्षणों में जापान का यह नगर तबाह हो गया इस अमानवीय कार्यवाही के पीछे अमरीका का उददेश्य द्वितीय विश्व युद्ध में जापान को हार भानने पर विवश करना और अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना था। आक्रमण होते ही नागासाकी में ८० हज़ार लोग भयानक मौत मर गये और समय बीतने के साथ साथ मरने वालों की संख्या में बहुत तेज़ी से बढ़ोत्तरी हुई।
(३)सन् १९६२- जर्मनी के शायर और लेखक हरमैन हीसे का निधन हुआ। वे सन् १८७७ में एक धार्मिक परिवार मे पैदा हुए युवाकाल से शायरी आरंभ की और २० वर्ष की आयु में अपनी शायरी का पहला संकलन प्रकाशित किया। सन् १९१२ में हिसे ने स्वीटज़रलैंड की नागरिकता ले ली और वहीं रहने लगे सन् १९४६ में उन्होंने साहित्य का नोबेल पुरुस्कार जीता प्राप्त किया।
(४)सन् १९६५- द्वीप समूह सिंगापुर मलेशिया से स्वाधीन हुआ। और आज के दिन को इस देश का राष्टीय दिवस घोषित किया गया। यह देश सन् १८२४ में औपचारिक रुप से ब्रिटेन के अधिकार में चला गया। द्वित्य विश्व युद्ध में जापान ने सिंगापुर पर अधिकार कर लिया। किंतु सन् १९४५ में संयुक्त सेना ने सिंगापुर को जापान के अधिकार से निकाल दिया। और यह दोबारा ब्रिटेन के अधिकार में चला गया। सन् १९६३ में मलेशिया फेडरेशन के अस्तित्व में आने के बाद सिंगपुर इससे जुड़ गया किंतु सन् १९६५ में वो इससे निकल गया।
(५)सन् २०१०- बंगाल ने पंजाब को २-१ से हराकर ११ वर्ष बाद संतोष ट्रॉफी राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता जीत ली।
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'१० अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
१० अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२२वॉ (लीप वर्ष मे २२३वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४३ दिन बाकी है।
१० अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १९२०- प्रथम विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद उसमानी शासन ने सीवरेस समझौते पर हस्ताक्षर किये। संयुक्त सेना और उसमानी साम्राज्य के बीच होने वाले इस समझौते के आधार पर उसमानी शासन को अपने 80 प्रतिशत भाग से हाथ धोना पड़ा।
(२)सन् १९३७- चीन के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों तियांग तेसे और केन्टोन पर अधिकार के लिए चीन और जापान के मध्य दो वर्षीय युद्ध आरंभ हुआ हुआ। केन्टोन दक्षिणी चीन की एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है जापान ने इस बंदरगाह और चीन के दूसरे क्षेत्रों पर आक्रमण कर दिया था। चीन ने अपने क्षेत्रों की रक्षा के लिए दो वर्ष तक युद्ध किया किंतु भारी क्षति उठाने के बाद २५ अप्रैल,सन् 1929 ईसवी को चीनियों कौ पराजय हुई और केंटोन पर जापान का अधिकार हो गया। द्वितीय विश्व युद्ध के आरंभ होते ही जापान ने चीन के और भी कई क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया।
(३)सन् १९४५- द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की पराजय के बाद कोरिया का उत्तरी भाग रुस की लाल सेना के बधिकार में चला गया। और कुद दिनों बाद कोरिया का दक्षिणी भाग अमरीका के अधिकार में चला गया। इससे पहले तक इस क्षेत्र पर जापान का अधिकार था। कोरिया के उत्तरी भाग पर रुस और दक्षिणी भाग पर अमरीका का अधिकार इस प्रायद्वीप के विभाजन का कारण बना।
(४)सन् १९६६- अमरीका के अंतरिक्ष अधिकारियों ने केप केनेडी से अंतरिक्ष में रॉकेट या विभाव उतारने की लिए उपयुक्त स्थान के चित्र लेने हेतु पहला अंतरिक्ष यान भेजा। जो २९ अक्तूबर को चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होकर तबाह हो गया।
(५)सन् २००१- अंगोला के लुवांडा नगर के दक्षिण में एक यात्री रेलगाड़ी पर विद्रोहियों के आक्रमण में २५२ लोग मारे गये। इस देश में लम्बे समय से जारी युद्ध के दौरान यह सबसे रक्तरंजित और भयानक घटना थी।
(६)सन् २०१०- भारत ने उपग्रह स्थिति तंत्र आधारित विमान प्रचालन तंत्र गगन का सफल परीक्षण किया।
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'११ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
११ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२३वॉ (लीप वर्ष मे २२४वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४२ दिन बाकी है।
११ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१) सन् १९०८- क्रांतिकारी खुदीराम बोस को सबसे कम उम्र में ब्रिटिश सरकार ने फांसी लगाई |
(२) सन् १९५२- इथोपिया के सम्राट हायला सलासी ने एरिट्रिया को इथोपिया से जोड़ने के संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये मुस्लिम बाहुल्य वाली एरिट्रिया की धरती जो पहले इटली की उपनिवेश थी, द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात ब्रिटेन के नियंत्रण में चली गयी।
(३) सन् १९५२- जार्डन के नरेश हुसैन ने सत्ता संभाली। उनके पिता तलाल को मानसिक रोग के करण प्रशासन देखने के लिए अक्षम घोषित कर दिया गया था जिसके बाद शाह हुसैन जाईन के नरेश बने।
(४) सन् १९६०- चाड देश फ़्रांस के अतिग्रहण से स्वतंत्र हुआ। और इस दिन को चाड का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया। १९वीं शताब्दी के अंत में फ़्रांस ने इस देश पर आक्रम्रण किया ओर तीन वर्ष की अवधि में पूरे चाड पर अधिकार कर लिया और यह देश व्यवहारिक रुप से फ़्रांस का उपनिवेश बन गया। सन् १९५८ में फ़्रांस ने चाड को स्वाधीनता दी और दो वर्ष बाद यह देश पूर्ण रुप से स्वतंत्र हो गया तथा यहॉ प्रजातांतरिक शासन व्यवस्था स्थापित हुई।
(५) सन् २०१०- पाउल कागमे रवांडा के नये राष्ट्रपति बने हैं।
७ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१)सन् १९११-गोपाल सिंह नेपाली,हिंदी कवि व रचनाकार (निधन:१७ अप्रैल,१९६३)
(२)सन् १९५६-राजेन्द्र धोड़पकर,हिंदी कवि
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'१२ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
१२ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२४वॉ (लीप वर्ष मे २२५वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४१ दिन बाकी है।
१२ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१) सन् १९४९- योरोप में संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय जेनेवा में युद्ध बंदियों तथा घायलों के प्रति व्यवहार संबधी कन्वेन्शन पारित हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध में युद्ध बंदियों तथा घायलों के साथ अमानवीय व्यवहार के पश्चात यह कन्वेन्शन संबलित किया गया था। इस कॉन्वेनश के अंतर्गत किसी देश को भी ऐसे लोगों की हत्या करने या उन्हें यातना देने का अधिकार नहीं है। युद्ध में घायलों का उपचार किया जाना चाहिए और बंदियों को अपने परिजनों से पत्र व्यवहार का अधिकार प्राप्त है परंतु इसके बावजूद अधिकांश देस इन कानूनों का पालन नहीं करते।
(२) सन् १८८६- हंग्री के संगीतकार फ़्रांस लिस्ट का निधन हुआ वे सन् १८११ ईसवी को जन्में थे।
(३) सन् १९४६- ब्रिटिश वाइसराय ने वार्ता के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू को आमंत्रित किया।
(४) सन् १९५५- जर्मनी के विख्यात उपन्यासकार थॉमस मैन का निधन हुआ उन्हें 'उकनेद मैजिक माउन्टेन' अर्थात जादुई पर्वत उपन्यास से बहुत ख्याति मिली।
(५) सन् १९५५- सीरिया ने जार्डन से अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए और इस देश की उड़ानों के लिए अपनी वायु सीमा में प्रवेश को वर्जित कर दिया। सीरिया ने यह कमद जार्डन सरकार की फ़िलिसतीनी संघर्षकर्ताओं के संबंध में अनुचित नीति अपनाए जाने के बाद उठाया था।
(६) सन् १९७६- लेबनान की राजधानी बैरुत के निकट इस देश के सैनिकों ने तिल्ले ज़ातर नामक फिलिस्तीन शरणार्थी शिविर का परिवेष्टन करने के बाद इसमें भयानक जनंसंहार किया इस शरणार्थी शिविर में हज़ारों फ़िलिस्तीनी जीवन व्यतीत करते थे। सेना ने ज़ायोनी शासन के प्रोत्साहन से इस शिविर का परिवेष्टन किया था। इस जनसंहार में तीन हज़ार फ़िलिस्तीनी मौत के घाट उतार दिए गये थे। ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों की इस अमानवीय कार्रवाई पर विश्व भर में आपत्ति की गयी।
(७) सन् १९७८- चीन और जापान ने पेइचिंग पर शांति एवं मित्रता के एक समझौते पर हस्ताक्षर किये।
(८) सन् २००२- रुस की परमाणु पनडुब्बी एक धमाके के बाद डूब गयी जिससे उसमें सवार कुल ११८ लोग मारे गये।
१२ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१) सन् १९१४- मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन की पत्नी और बॉलीवुड के शहंशाह और सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन का जन्म फैसलाबाद में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। (निधन- 21 दिसंबर 2007)
(२) सन् १९१९- विक्रम अंबालाल साराभाई,जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थान दिलाया । लेकिन इसके साथ-साथ उन्होंने अन्य क्षेत्रों जैसे वस्त्र, भेषज, आणविक ऊर्जा, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य अनेक क्षेत्रों में भी बराबर का योगदान किया ।( निधन-३१ दिसंबर, १९७१)
(३) सन् १९७१- पीट सेमप्रास,अमेरिका का टेनिस ख़िलाड़ी
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'१३ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
१३ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२५वॉ (लीप वर्ष मे २२६वॉ) दिन है। साल मे अभी और १४० दिन बाकी है।
१३ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१) सन् १५९८- फ़्रांस के शासक हेनरी चतुर्थ ने नांत का प्रख्यात आदेश जारी किया। इस आदेश के आधार पर प्रोटेस्टेन्ट ईसाईयों का पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता दी गयी। इसी कारण इसे फ़्रांस के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक आदेशों में से एक माना जाता है। सन् १६८५ ईसवी में चौदहवें लुई ने इस आदेश को निरस्त कर दिया।
(२) सन् १८९९- प्रख्यात फिल्म निर्माता अल्फ़्रेड हिचकॉक का जन्म हुआ। उनकी पहली फिल्म सन् १९२० ईसवी में प्रदर्शित हुई। बाद में उन्होंने फिल्मों का निर्देशन आरंभ किया चूँकि अधिकांश फिल्में आपराधिक मामलों पर आधारित और अत्यंत भयावह होती थीं इसलिए उन्हे भय उत्पन्न करने का विशेषज्ञ कहा जाता था। सन सन् १९८० में उनका निधन हुआ।
(३) सन् १९२३- नवनिर्मित पोलिश बंदरगाह जिडायनिया पर पहला बड़ा समुद्री जहाज आया।
(४) सन् १९२३- गुस्ताव स्ट्रेसीमैन जर्मनी की चांसलर नियुक्त हुई तथा वेमर गणराज्य में गठबंधन सरकार का गठन हुआ।
(५)सन् १९६०- केंद्रीय अफ़्रीक़ा नामक देश फ़्रांस के कब्ज़े से स्वतंत्र हुआ। पहले इसका नाम आबांकी शारी था। १९वीं शताब्दी में फ़्रांस ने अफ़्रीक़ा के अन्य देशों के साथ इस पर भी कब्ज़ा करके इसे अपना उपनिवेश बना लिया। सन १९५८ में इसे आंतरिक स्वाधीनता मिली और सन् १९६० में यह देश पूर्ण रुप से स्वतंत्र हो गया।
(६) सन् १९९४- अमरीका के साथ एक समझौते के आधार पर उत्तर कोरिया ने अपना परमाणु संयंत्र बंद कर दिया। यह कदम महाविनाशक हथियारों के निर्माण में काम आने वाले प्लूटोनियम के उतपादन को कम करने के लिए उठाया गया था।
(७) सन् २०१०- मध्य रूस, साइबेरिया और पश्चिमी कनाडा के जंगलों में लगी भयंकर आग से प्रतिदिन ७ करोड़ टन जहरीला कार्बन मोनो ऑक्साइड के हो रहे उत्सर्जन से उत्तरी ध्रुव पर जहरीले गैसीए बादल इकट्ठा हो गए।
(७) सन् २०११- ज्योतिषीय एवं खगोलविज्ञान के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना में सौर मंडल के चार ग्रहों के एक साथ मिलने का दुर्लभ संयोग आमजनों को १३ अगस्त की शाम के पश्चात देखने को मिला । खगोल वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि सौर मंडल में दो और तीन ग्रहों के मिलन का संयोग तो कई बार देखने का मिलता है लेकिन एक साथ चार ग्रहों के मिलने का संयोग कई वर्षों बाद देखने को मिलता है। इस दुर्लभ घटना को खगोल विज्ञान में 'ट्रिपल कंजक्शन विथ द मून' के नाम से जाना जाता है |
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'१४ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
१४ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२६वॉ (लीप वर्ष मे २२७वॉ) दिन है। साल मे अभी और १३९ दिन बाकी है।
१४ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१)सन् १४५२ ईसवी को इटली के प्रख्यात चित्रकार शिल्पकार लियोनार्डो डावेन्ची जन्म हुआ। उन्हें बचपन से ही चित्रकला से बहुत लगाव था। सन् १५०६ ईसवी में बारहवें लुई और फिर फ़्रांसिस प्रथम के दरबारी चित्रकार के रुप में डावेन्ची का चयन हुआ। मीलान नगर के गिरजाघर को उनकी निर्माण कला का सबसे प्रख्यात नमूना माना जाता है। चित्रकला में जोकोन्ड की मुस्तकान व अंतिम शाम उनकी सबसे प्रख्यात पेंटिग्स हैं। डावेन्ची का निधन सन् १५१९ ईसवी को हुआ।
(२)सन् १८२५ ईसवी को डीज़ल की खोज की गयी। ब्रिटेन के प्रख्यात भौतिक एवं रसायनशास्त्री मिशल फ़ेराडे ने अनेक अनुसंधानों व प्रयोगों के पश्चात डीज़ल को खनिज तेल से अलग करने में सफलता प्राप्त की। किंतु उस समय लोगों को तेल के आर्थिक व औद्योगिक महत्व का पता नहीं था।
(३)सन् १९४५ ईसवी को दूससरे विश्व युद्ध के दौरान जापान घटक देशों के सामने हथियार डालने पर विवश हुआ।इस प्रकार १९३९ में पोलैंड पर नाजी जर्मनी के आक्रमण के साथ ही आरंभ होने वाला यह विश्व युद्ध जापान में समाप्त हो गया। दिसम्बर सन् १९४१ में अमरीका और जापान के मध्य भीषण युद्ध हुआ किंतु जापान के हीरोशीमा और नागासाकी नगरों पर अमरीका की परमु बम्बारी के बाद जापान ने हथियार डाल दिए इस बम्बारी में लगभग दो लाख लोग मारे गये थे।
(४)सन् १९४७ ईसवी को पाकिस्तान को स्वतंत्रता प्राप्त हुई, और मुहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल बने । सत्ता का हस्तांतरण ठीक मध्यरात्रि को हुआ था पर पाकिस्तान अपना कौमी दिवस 14 अगस्त को मनाता है जब कि भारत अपना स्वतंत्रता दिवस १५ अगस्त को मनाता है। ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध भारत की जनता के आंदोलन के अंतर्गत सन् १९०६ में मुस्लिम लीग पार्टी का गठन हुआ।
(५)सन् १९७० ईसवी को योगोस्लाविया और वाटीकान ने दोबारा राजनयिक संबंध स्थापित किये। इससे पहले १८ वर्षों तक दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध टूटे रहे।
(६)सन् १९८६ को पाकिस्तान में राष्टपति ज़ियाउल हक़ की सरकार के विरुद्ध दंगे भड़क उठे जिसमें कई लोगों को मार दिया गया। और विपक्ष की नेता बेनज़ीर भुटटो को गिरफ़तार कर लिया गया ।
(७)सन् २०१०- भारत सरकार ने 64वें स्वतंत्रता दिवस पर काबुल में शहीद हुए सेना चिकित्सा कोर के मेजर एल ज्योतिन सिंह को अशोक चक्र तथा विनोद चौबे और मेजर दविंद्र सिंह जस को कीर्ति चक्र प्रदान करने की घोषणा की।

१४ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
सन् १९८४- रॉबिन सोडरलिंग
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'१५ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व'
१५ अगस्त कैलंडर(२०११) ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का २२७वॉ (लीप वर्ष मे २२८ वॉ) दिन है। साल मे अभी और १३८ दिन बाकी है।
१५ अगस्त का ऐतिहासिक महत्व को प्रदर्शित करने वाली कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं---
(१) सन् १९४५- जापान का आत्म समर्पण, मित्र राष्ट्रों में खुशी की लहर
(२) सन् १९४७-भारतीय स्वतंत्रता दिवस। सन् १९४७ ईसवी को वर्षो तक ब्रिटिश साम्राज्यवाद के पिरुद्ध संघर्ष करने के पश्चात भारत की जनता इस देश को स्वतंत्र कराने में सफल हुई। १६वीं शताब्दी में अंग्रेज़ों ने भारत में अपना प्रभाव बनाना आरंभ कर दिया था। और १७वीं शताब्दी में ब्रिटेन ने भारत में अपने योरोपीय प्रतिद्वन्द्वी फ़्रांस और इसी प्रकार तैमूरी मुग़लों को पराजित करके इस देश पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। भारतीय जनता ने अंग्रेज़ों के विरुद्ध कई बार आंदोलन छेड़ा किंतु अंग्रेज़ों ने उसे कुचल दिया। सन् १८९५ में भारतीय नेशनल कॉग्रेस का गठन हुआ और फिर जनता के आंदोलन संगठित होने लगे। स्वतंत्रता आंदोलन से महात्मा गांधी के जुड़ने और उनके नेतृत्व में सत्याग्रह और असहयोग आंदोलनों के कारण ब्रिटेन को सन् १९४७ में अपने सबसे बड़े उपनिवेश से हाथ धोना पड़ा।
(३) सन् १९४७- बलुचिस्तान पाकिस्तान में मिल गया।
(४) सन् १९४७- हैदराबाद के निजाम ने भारत में विलय से इनकार कर स्वतंत्र रहने की घोषणा की।
(५) सन् १९४८- कोरिया प्रायद्वीप के विभाजन के पश्चात दक्षिणी केरिया नामक एक स्वाधीन देश अस्त्तिव में आया। बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कोरिया प्रायद्वीप को चीन व जापान जैसे क्षेत्र के बड़े देशों के अतिक्रमण और अतिग्रहण का सामना करना पड़ा। सन् १९०५ में जापान ने कोरिया पर अधिकार कर लिया। परंतु द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की पराजय के बाद सोवियत संघ ने इसके उत्तरी भाग पर और अमरीका ने दक्षिणी भाग पर अधिकार कर लिया। चूंकि उत्तरी कोरिया में सोवियत संघ और कम्यूनिज्म की और दक्षिण में पश्चिमी देशों की पक्षधर की पक्षधर सरकार थी इस लिए कोरिया प्रायद्वीप दो अलग देशैं में विभाजित हो गया।
(६) सन् १९६०- कॉगो गणराज्य में फ़्रांस से स्वतंत्रता मिली। अतीत में कॉगो पश्चिमी अफ़्रीक़ा का एक भाग था जिसमें वर्तमान अंगोला और कॉगों डेमोक्रेटिक भी शामिल थे। पुर्तग़ालियों ने १५वीं शताब्दी में इसक्षेत्र की खोज की परंतु यह देश वर्षों तक फ़्रांस का उपनिवेश रहा।
(७) सन् १९७५-  बंग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति शेख मुजिबुर रहमान, बांगलादेश के राष्ट्राध्यक्ष की एक सैनिक विद्रोह में हत्या कर दी गयी। वे बंग्लादेश की स्वाधीनता के संस्थापकों में थे ।
(८) सन् १९९०- रुस के तत्कालीन राष्ट्रपति मीखाईल गोरबाचोफ ने इस देश के नोबल पुरुस्कार विजेता लेखक एलैग्ज़न्डर सोलहेनित्सिन को दोबारा रुस की नाग़रिकता दी। उन्हें सन् १९७४ में भयावह उपन्यास लिखने के कारण देश से निकाल दिया गया था।
१५ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों के जन्मदिन हैं:-
(१) सन् १००१ - डंकन पहिला, स्कॉटलैण्ड का राजा.
(२) सन् १७६९ - नेपोलियन बोनापार्ट, फ्रांस का सम्राट.
(३) सन् १८१३ - जुल्स ग्रेव्ही, फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष
(४) सन् १८७२ - श्री अरविंद, भारतीय तत्त्वज्ञानी
(५) सन् १८८६ - बिल व्हिटली, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिळाडी
(६) सन् १९२२- लुकज़ फ़ॉस, जर्मन संगीतकार (निधन-सन् 2009)
(७) सन् १९२७ - एडी लेडबीटर, अँग्रेज क्रिकेट खिळाडी
(८) सन् १९४५ - बेगम खालिदा जिया, बांगलादेश की प्रधानमंत्री
(९) सन् १९४७ - राखी गुलझार, भारतीय अभिनेत्री.
(१०) सन् १९५१ - जॉन चाइल्ड्स, अँग्रेज़ क्रिकेट खिळाडी
(११) सन् १९५१ - रंजन गुणतिलके, श्रीलंकाई क्रिकेट खिळाडी
(१२) सन् १९६३ - जॅक रसेल, अँग्रेज क्रिकेट खिळाडी
(१३) सन् १९६८ - डेब्रा मेसिंग, अमेरिकन अभिनेत्री.
(१४) सन् १९७२ - बेन ऍफ्लेक, अमेरिकन अभिनेता.
(१५) सन् १९७५ - विजय भारद्वाज, भारतीय क्रिकेट खिळाडी

१५ अगस्त को निम्नलिखित कुछ प्रसिद्द व्यक्तियों का निधन हुआ:-
(१) सन् १०३८ - स्टीवन पहिला, हंगरी का राजा.
(२) सन् १०४० - डंकन पहिला, स्कॉटलंड का राजा.
(३) सन् १०५७ - मॅकबेथ, स्कॉटलंड का राजा
(४) सन् १११८ - ऍलेक्सियस पहिला कॉम्नेनस, बायझेन्टाई सम्राट.
(५) सन् १९३५ - विल रॉजर्स, अमेरिकी अभिनेता.
(६) सन् १९७५ - शेख मुजिबुर रहमान, बांगलादेश के राष्ट्राध्यक्ष
(७) सन् २००४ - अमरसिंह चौधरी, गुजरात के मुख्यमंत्री

इतिहास की संपूर्णता असाध्य सी है, फिर भी यदि हमारा अनुभव और ज्ञान प्रचुर हो, ऐतिहासिक सामग्री की जाँच-पड़ताल को हमारी कला तर्कप्रतिष्ठत हो तथा कल्पना संयत और विकसित हो तो अतीत का हमारा चित्र अधिक मानवीय और प्रामाणिक हो सकता है। सारांश यह है कि इतिहास की रचना में पर्याप्त सामग्री, वैज्ञानिक ढंग से उसकी जाँच, उससे प्राप्त ज्ञान का महत्व समझने के विवेक के साथ ही साथ ऐतिहासक कल्पना की शक्ति तथा सजीव चित्रण की क्षमता की आवश्यकता है । स्मरण रखना चाहिए कि इतिहास न तो साधारण परिभाषा के अनुसार विज्ञान है और न केवल काल्पनिक दर्शन अथवा साहित्यिक रचना है । इन सबके यथोचित संमिश्रण से इतिहास का स्वरूप रचा जाता है ।
'जय हिंद,जय हिंद'

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर ऐतिहासिक जानकारी , आभार

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  2. आदरणीय डॉ. चतुर्वेदी जी, बहुत ही ज्ञानवर्धक आलेख...बेहतरीन पोस्ट....
    ऐतिहासिक जानकारियाँ देने के लिए आपका धन्यवाद...

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